नई दिल्ली: इस भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के मधुमेह, हाई ब्‍लड प्रेशर, हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों की चपेट में आने का खतरा बढ़ गया है लेकिन कुछ वजन कम करके हम इन रोगों के खतरों को कम कर सकते हैं. कुछ वजन घटाकर टाइप 2 डायबिटीज के साथ जीवन व्यतीत करने वाले लोगों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसे हृदय रोगों के दीर्घकालिक जोखिम को काफी कम किया जा सकता है. कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के एक शोध में यह जानकारी निकलकर आई है.Also Read - Karva Chauth 2021 Special: डायबिटीज से पीड़ित महिलाएं करवा चौथ का व्रत रखने से पहले इन बातों का रखें खास ख्याल

‘डायबिटोलॉजी जर्नल’ में प्रकाशित इस अध्ययन में इंग्लैंड के 725 श्वेत, अधिक वजन वाले वयस्क प्रतिभागियों को शामिल किया गया. अध्ययन में पाया गया कि समुचित ढ़ंग से वजन को नियंत्रित करके हृदयाघात और स्ट्रोक जैसे हृदय संबंधी रोगों (सीवीडी) के जोखिम को काफी कम किया जा सकता है. Also Read - Ayurveda For Stress Relief : मानसिक तनाव को कम करने के लिए ये आयुर्वेदिक टिप्स आएंगे काम, आज ही अपनाएं | वीडियो देखें

ब्रिटेन में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में पोस्टडॉक्टोरल सदस्य जीन स्ट्रेलित्ज़ ने से कहा, हमारे अध्ययन में, हमने देखा कि टाइप 2 मधुमेह से पीड़ित कम से कम पांच प्रतिशत वजन कम करने वाले लोगों में अपना वजन बरकरार रखने वाले लोगों की तुलना में सीवीडी का 48 प्रतिशत कम खतरा था. शोध में हिस्सा लेने वाले लोगों का वजन मधुमेह का पता लगने के दौरान और फिर उसके एक वर्ष बाद मापा गया. Also Read - World Sight Day 2021 : क्या है वर्ल्ड साइट डे और क्यों इसे मनाया जाता है हर साल, वीडियो देखें

स्ट्रेलित्ज़ ने आगाह किया कि अध्ययन से यह संकेत नहीं मिलता है कि जीवनशैली में बदलाव सीवीडी के इलाज या रोकथाम के लिए मधुमेह रोगियों द्वारा ली जाने वाली दवाओं की जगह ले सकते हैं. उन्होंने कहा, हमारे अध्ययन में ऐसा कोई सबूत नहीं मिलता है कि जीवनशैली में बदलाव मधुमेह की दवाओं का स्थान ले सकते हैं.

स्ट्रेलित्ज ने बताया, हालांकि हमारे शोध से पता चलता है कि टाइप 2 मधुमेह से पीड़ित लोगों को मधुमेह के निदान के बाद सीवीडी का दीर्घकालीन खतरा कम करने में वजन कम करने से कुछ फायदा हो सकता हैं.