नई दिल्ली: हाल ही में एक वायरल संक्रमण ‘लासा बुखार’ ने समूचे नाइजीरिया को अपनी गिरफ्त में ले लिया था. बहुत से लोगों को इस संक्रमण से जान गंवानी पड़ी थी. चूहों के मल-मूत्र से फैलने वाला यह संक्रमण नाइजीरिया के अलावा, घाना, गिनी, लाइबेरिया, माली, सिएरा लियोन और पश्चिम अफ्रीका के अन्य देशों में फैला हुआ है.

क्या है ये
लासा बुखार एक गंभीर वायरल हीमोरेजिक बीमारी है, जो लासा वायरस से फैलता है. यह जानवरों के जरिये होने वाली जूनोटिक बीमारी है.

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कैसे फैलता है
हार्ट केयर फाउंडेशन (एचसीएफआई) के अध्यक्ष डॉ. के.के. अग्रवाल ने कहा, ‘मनुष्यों में यह वायरस संक्रमित चूहों के मल या मूत्र के संपर्क में आने से फैलता है. चूहों के मल वाली एरोसोलाज्ड हवा में सांस लेने और संक्रमित चूहों को भोजन के रूप में खाने से यह बीमारी हो सकती है. व्यक्तिगत रूप से संक्रामक तरल पदार्थ (उदाहरण के लिए, रक्त, मूत्र, फेरेंजील स्राव, उल्टी या शरीर के अन्य स्राव) के साथ सीधे संपर्क में आने से यह रोग सकता है’.

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क्या है लक्षण
लो ग्रेड का बुखार, सामान्य कमजोरी इसके शुरुआती लक्षणों में शामिल है. इसके बाद सिरदर्द, गले में दर्द, मांसपेशियों में दर्द, सीने में दर्द, मतली, उल्टी, दस्त, खांसी और पेट दर्द होता है. गंभीर बीमारी में चेहरे की सूजन, फेफड़ों में पानी भरना, और मुंह, नाक, योनि व आंतों से खून आना, और कम रक्तचाप की शिकायत हो सकती है. बाद के चरण में, सदमा, दौरे, कंपकंपी, कंपकंपाहट और कोमा की दशा हो सकती है.

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कैसे बचें
डॉ. अग्रवाल ने कहा, ‘चूहों से बचकर रहें. सभी मरीजों को संक्रामक मानें, भले ही संकेत और लक्षण हल्के हों. संदिग्ध लासा बुखार संक्रमण वाले लोगों से संपर्क के लिए मौखिक रिबाविरिन के साथ पोस्ट एक्सपोजर प्रोफेलेक्सिस, ट्रांसमिशन के लिए खतरनाक सुई, चोट, झिल्ली के संपर्क या रक्त या शरीर के तरल पदार्थ में टूटी हुई त्वचा और शारीरिक तरल पदार्थ के संपर्क में आने से बचें.
(एजेंसी से इनपुट)

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