
Shweta Bajpai
नमस्कार, मैं श्वेता बाजपेई, वर्तमान में India.com हिंदी में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हूं. हिंदी पत्रकारिता में लगभग 10 वर्षों के अनुभव के दौरान मैंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एंटरटेनमेंट ... और पढ़ें
डायबिटीज आज दुनिया की सबसे आम बीमारियों में से एक बन चुकी है. भारत को तो डायबिटीज की राजधानी तक कहा जाता है, क्योंकि यहां हर उम्र के लोग इस बीमारी से प्रभावित हैं. डॉ. रंजीत सिंह (प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, जनरल मेडिसिन, NIIMS मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल) ने बताया कि डायबिटीज सिर्फ ब्लड शुगर बढ़ने की बीमारी नहीं है, बल्कि यह शरीर के कई हिस्सों को धीरे-धीरे प्रभावित करती है. अक्सर मरीजों की शिकायत होती है कि उन्हें बहुत बार पेशाब आता है और बार-बार प्यास लगती है. आइए जानते हैं, इसके पीछे का असली कारण क्या है.
शुगर बढ़ने से शरीर में क्या होता है?
डॉ. रंजीत सिंह ने बताया कि जब किसी व्यक्ति को डायबिटीज होती है तो उसके शरीर में इंसुलिन नामक हार्मोन सही मात्रा में नहीं बनता या काम नहीं करता. इंसुलिन का काम होता है खाने से मिलने वाले शुगर को शरीर की कोशिकाओं तक पहुंचाना ताकि उसे ऊर्जा में बदला जा सके, जब इंसुलिन की कमी होती है तो ग्लूकोज खून में जमा होने लगता है. इस बढ़े हुए शुगर लेवल को कम करने के लिए शरीर उसे पेशाब के रास्ते बाहर निकालने की कोशिश करता है.
बार-बार पेशाब आने का कारण-
जब खून में शुगर की मात्रा बहुत बढ़ जाती है, तो किडनी को ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है ताकि वह अतिरिक्त शुगर को फ़िल्टर करके पेशाब के जरिए बाहर निकाल सके. इसके चलते पेशाब की मात्रा और बार-बार पेशाब आने की आवृत्ति दोनों बढ़ जाती हैं. इसे पॉलीयूरिया (Polyuria) कहा जाता है, यानी ज़्यादा बार और ज़्यादा मात्रा में पेशाब आना.
बार-बार प्यास लगने का कारण-
जब शरीर से पेशाब के जरिए पानी बार-बार बाहर निकलता है, तो शरीर में डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) होने लगती है. इस वजह से मरीज को बार-बार प्यास लगती है ताकि शरीर में पानी की कमी पूरी की जा सके। इसे पॉलीडिप्सिया (Polydipsia) कहा जाता है यानी लगातार प्यास लगना.
कब सतर्क होना चाहिए?
अगर आपको नीचे दिए गए लक्षण दिख रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए:
क्या करें और क्या न करें
डायबिटीज में बार-बार प्यास और पेशाब लगना शरीर का एक संकेत है कि ब्लड शुगर नियंत्रण से बाहर जा रहा है. इसलिए इन लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें और तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लें. समय रहते उपचार शुरू करना ही डायबिटीज को काबू में रखने का सबसे अच्छा तरीका है.
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