
Shweta Bajpai
नमस्कार, मैं श्वेता बाजपेई, वर्तमान में India.com हिंदी में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हूं. हिंदी पत्रकारिता में लगभग 10 वर्षों के अनुभव के दौरान मैंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एंटरटेनमेंट ... और पढ़ें
खाते समय पसीना आना बहुत से लोगों के साथ होता है, लेकिन ज़्यादातर लोग इसे हल्के में ले लेते हैं, कई बार लोग सोचते हैं कि शायद खाना ज़्यादा गरम था या मौसम बहुत गर्म है, लेकिन जब बार-बार खाते समय माथे, चेहरे, गर्दन या सिर से पसीना आने लगे, तो मन में सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या यह किसी बीमारी का संकेत हो सकता है, डॉ. सुमोल रत्ना (सहायक प्रोफेसर, चिकित्सा विभाग, एनआईआईएमएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, ग्रेटर नोएडा) ने बताया कि खाते समय पसीना आना हमेशा गंभीर बीमारी नहीं होता, लेकिन कुछ मामलों में यह शरीर के अंदर चल रही किसी समस्या की ओर इशारा कर सकता है.
डॉ. सुमोल रत्ना ने बताया कि हमारे शरीर में पसीना आना एक सामान्य प्रक्रिया है. जब शरीर का तापमान बढ़ता है या नर्वस सिस्टम सक्रिय होता है, तब पसीने की ग्रंथियां काम करने लगती हैं. खाना खाते समय शरीर का पाचन तंत्र सक्रिय हो जाता है और मेटाबॉलिज़्म बढ़ता है. इस वजह से हल्का पसीना आना सामान्य माना जाता है. खासतौर पर जब खाना गरम, मसालेदार या ज्यादा कैलोरी वाला हो, तो शरीर को उसे पचाने में ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है और पसीना आ सकता है.
‘फूड-इंड्यूस्ड स्वेटिंग’-
कई लोगों को तेज मसालेदार खाना खाते ही पसीना आने लगता है, मिर्च और गरम मसालों में मौजूद कुछ तत्व शरीर की नसों को उत्तेजित कर देते हैं. इससे दिमाग को ऐसा संकेत मिलता है कि शरीर गरम हो रहा है और पसीना आने लगता है. इसे डॉक्टर ‘फूड-इंड्यूस्ड स्वेटिंग’ कहते हैं. यह कोई बीमारी नहीं होती और ऐसे लोगों को सिर्फ मसालेदार भोजन से थोड़ा परहेज करना चाहिए.
कुछ लोगों को सिर्फ खाना देखकर या खाना खाते ही चेहरे पर पसीना आ जाता है. इसे ‘गस्टेटरी स्वेटिंग’ कहा जाता है, इसमें खाना चबाते समय या स्वाद महसूस होते ही चेहरे, माथे और गर्दन पर पसीना आने लगता है. हल्के रूप में यह सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर पसीना बहुत ज़्यादा और रोज आने लगे, तो इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए.
डायबिटीज के मरीजों में खाते समय पसीना आना एक आम समस्या हो सकती है. खासतौर पर जब ब्लड शुगर का स्तर बहुत कम हो जाए, तो शरीर चेतावनी के तौर पर पसीना छोड़ता है. ऐसे में हाथ-पैर कांपना, घबराहट, कमजोरी या चक्कर आना भी महसूस हो सकता है. डॉक्टर कहते हैं कि अगर डायबिटीज के मरीज को खाते समय या खाने के तुरंत बाद ज़्यादा पसीना आए, तो ब्लड शुगर की जांच जरूर करानी चाहिए.
सिस्टम में गड़बड़ी-
कई बार खाते समय पसीना आना नर्वस सिस्टम से जुड़ी समस्या का संकेत भी हो सकता है, हमारे शरीर में ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्टम होता है, जो पसीना दिल की धड़कन और पाचन जैसे कामों को नियंत्रित करता है अगर इस सिस्टम में गड़बड़ी हो जाए, तो मामूली गतिविधि जैसे खाना खाने पर भी ज़्यादा पसीना आ सकता है. यह समस्या कुछ बीमारियों या लंबे समय से चल रही डायबिटीज में देखी जाती है.
थायरॉयड की बीमारी में भी खाते समय पसीना आने की शिकायत हो सकती है. खासतौर पर हाइपरथायरॉयडिज़्म में शरीर का मेटाबॉलिज़्म बहुत तेज हो जाता है. ऐसे लोग सामान्य से ज़्यादा पसीना करते हैं, दिल की धड़कन तेज़ रहती है और वजन भी कम होने लगता है अगर खाने के साथ-साथ बार-बार पसीना, घबराहट और गर्मी लगने की समस्या हो, तो थायरॉयड की जांच करवाना जरूरी है.
कुछ लोगों में हाई ब्लड प्रेशर या दिल से जुड़ी समस्याओं में भी खाते समय पसीना आ सकता है. खाना खाने के दौरान शरीर में ब्लड फ्लो और पाचन प्रक्रिया तेज होती है अगर दिल या रक्त संचार प्रणाली कमजोर हो, तो शरीर पसीने के ज़रिए प्रतिक्रिया दे सकता है अगर पसीने के साथ सीने में दर्द, सांस फूलना या चक्कर आए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
एलर्जी-
कभी-कभी खाने से जुड़ी एलर्जी या किसी खास भोजन के प्रति असहिष्णुता भी पसीने का कारण बन सकती है. ऐसे मामलों में पसीने के साथ खुजली, लाल चकत्ते, पेट दर्द या उलटी भी हो सकती है. यह स्थिति गंभीर हो सकती है, इसलिए ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत जांच जरूरी होती है.
तनाव और चिंता भी खाते समय पसीना आने का एक बड़ा कारण हो सकते हैं, बहुत से लोग मानसिक तनाव में होते हैं और उन्हें खुद पता भी नहीं चलता. तनाव के दौरान शरीर का नर्वस सिस्टम ज़्यादा सक्रिय हो जाता है और खाना खाते समय पसीना आने लगता है अगर पसीना आने के साथ दिल तेज़ धड़कने लगे या बेचैनी महसूस हो, तो यह तनाव का संकेत हो सकता है.
डॉक्टरों का कहना है कि अगर खाते समय कभी-कभी हल्का पसीना आता है और कोई दूसरा लक्षण नहीं है, तो चिंता की बात नहीं है, लेकिन अगर यह समस्या रोज हो रही है, पसीना बहुत ज़्यादा आता है या इसके साथ कमजोरी, चक्कर, सीने में दर्द, वजन कम होना या बहुत ज़्यादा थकान महसूस हो, तो जांच जरूरी है समय पर बीमारी पकड़ में आ जाए, तो इलाज आसान हो जाता है.
इस समस्या से बचाव के लिए कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना फायदेमंद होता है. बहुत ज़्यादा मसालेदार और गरम खाना कम करें. खाने के दौरान जल्दी-जल्दी न खाएं और शांत माहौल में भोजन करें. डायबिटीज या थायरॉयड के मरीज नियमित जांच कराते रहें. तनाव कम करने के लिए योग, ध्यान या हल्की एक्सरसाइज को दिनचर्या में शामिल करें. शरीर जो संकेत दे रहा है, उसे समझना जरूरी है, खाते समय पसीना आना कई बार सामान्य होता है, लेकिन कई बार यह किसी अंदरूनी बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकता है. सही जानकारी, सही जांच और समय पर डॉक्टर की सलाह से इस समस्या को आसानी से समझा और संभाला जा सकता है.
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