
Shweta Bajpai
नमस्कार, मैं श्वेता बाजपेई, वर्तमान में India.com हिंदी में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हूं. हिंदी पत्रकारिता में लगभग 10 वर्षों के अनुभव के दौरान मैंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एंटरटेनमेंट ... और पढ़ें
ठंड का मौसम आते ही लोग सर्दी, खांसी और गले में खराश की चपेट में आ जाते हैं. बच्चे से लेकर बड़े तक इससे जूझने लगते हैं. कभी कभार ये समस्या इतनी बढ़ जाती है कि लोग खांसते खांसते परेशान हो जाते हैं. इसके चलते लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगती है. ऐसे में अगर आप भी इनकी चपेट में आसानी से आ जाते हैं तो आपको कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है. आइए जानते हैं र्दियों के मौसम में गले में इंफेक्शन क्यों होता है और इससे कैसे बचता जाए.
क्यों होता है गले में इंफेक्शन-
तापमान के गिरते ही ठंड होना शुरू हो जाती है, इसके चलते गले में संक्रमण, सर्दी और खांसी की समस्या होने लगती है. सर्द मौसम में चलने वाली प्रदूषित हवा हमारे श्वसन तंत्र पर बुरी तरह प्रभाव डालती है, जिससे गले में संक्रमण तेजी से फैलने लगता है. शुष्क और ठंडी हवा गले को परेशान कर सकती है, जिससे इसकी नेचुरल डिफेंस मैकेनिज्म कमजोर हो सकती है, इसके साथ ही सर्दियों में अक्सर लोग बंद जगहों पर अधिक रहना पसंद करते हैं, जिससे एयरबोर्न वायरस का खतरा बढ़ जाता है.
जब तापमान गिरता है, तो कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोग सर्दी या इन्फ्लूएंजा जैसे मौसमी वायरस के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं. इसके अलावा, शुष्क और ठंडी हवा में कम आर्द्रता नाक के मार्ग को शुष्क कर देती है, जिससे बैक्टीरिया का प्रवेश आसान हो जाता है. पहले से मौजूद श्वसन समस्याओं या कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों को विशेष रूप से गले के संक्रमण और संबंधित लक्षणों का खतरा होता है.
कैसे करें बचाव-
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