
Archi Tiwari
नमस्कार, मैं आर्ची तिवारी हूं. वर्तमान में India.com में बतौर सब-एडिटर पिछले एक साल से कार्यरत हूं, जहां मैं मुख्य रूप से हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट को संभालती हूं. मेरी ... और पढ़ें
Causes of Pimples in Monsoon: बारिश का मौसम जितना सुहावना लगता है, उतना ही यह हमारी त्वचा के लिए चुनौतियां भी लाता है. कई लोगों को इस मौसम में पिंपल्स या मुंहासे की समस्या ज्यादा होने लगती है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है? आइए जानते हैं इसके पीछे के कुछ मुख्य कारण, जिनके बारे में शायद ही सब जानते हों.
बारिश के मौसम में हवा में नमी यानी ह्यूमिडिटी बहुत बढ़ जाती है। यह नमी हमारी त्वचा पर आसानी से चिपक जाती है, जिससे त्वचा चिपचिपी महसूस होने लगती है. इस चिपचिपी सतह पर धूल-मिट्टी और प्रदूषण के कण आसानी से जमा हो जाते हैं. जब ये कण त्वचा के रोमछिद्रों (pores) में फंस जाते हैं, तो पिंपल्स होने की संभावना बढ़ जाती है.
गर्म और नम वातावरण बैक्टीरिया और फंगस के लिए बहुत अच्छा होता है, क्योंकि उन्हें बढ़ने के लिए ऐसी ही जगह पसंद है. बारिश में त्वचा पर पसीना और नमी बनी रहती है, जो इन सूक्ष्मजीवों को पनपने का मौका देती है. जब ये बैक्टीरिया या फंगस त्वचा के रोमछिद्रों में घुस जाते हैं, तो वे सूजन और पिंपल्स का कारण बन सकते हैं.
बारिश के मौसम में हमारी त्वचा के ऑयल ग्लैंड्स (तेल बनाने वाली ग्रंथियां) अक्सर ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं. इससे त्वचा पर सीबम (प्राकृतिक तेल) का उत्पादन बढ़ जाता है. जब यह अतिरिक्त सीबम धूल और मृत त्वचा कोशिकाओं के साथ मिलकर रोमछिद्रों को बंद कर देता है, तो पिंपल्स निकल आते हैं. यही कारण है कि इस मौसम में खासकर तैलीय त्वचा वाले लोगों को ज्यादा परेशानी होती है.
बारिश के दिनों में अक्सर लोग घर के अंदर रहना पसंद करते हैं और कभी-कभी त्वचा की साफ-सफाई पर उतना ध्यान नहीं दे पाते जितना देना चाहिए. अगर आप बारिश में बाहर गए हैं और त्वचा पर धूल-मिट्टी या बारिश का पानी लगा है, तो घर आकर तुरंत त्वचा को अच्छे से साफ करना बहुत जरूरी है. साफ-सफाई की कमी भी पिंपल्स का एक बड़ा कारण बन सकती है.
बारिश में हम जो कपड़े पहनते हैं, खासकर अगर वे सिंथेटिक हों, तो वे त्वचा पर रगड़ पैदा कर सकते हैं, जिससे जलन हो सकती है. इसके अलावा, भीगे हुए बाल या एक्सेसरीज जैसे कैप या हेडबैंड भी त्वचा पर नमी और बैक्टीरिया को रोक सकते हैं, जिससे पिंपल्स हो सकते हैं, खासकर माथे और गर्दन के आसपास.
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. इसे केवल सुझाव के तौर पर लें. इस तरह की किसी भी जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. (Images: Pinterest)
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