सैलरी बढ़ने से आती है भारतीयों को अच्‍छी नींद

आपकी नींद की गुणवत्‍ता इस बात पर न‍िर्भर करती है क‍ि आपको ऑफ‍िस से सैलरी कैसी म‍िलती है. हाल‍िया सर्वे की र‍िपोर्ट कुछ ऐसा ही खुलासा करती है...

Published: March 15, 2018, 5:26 PM IST

मुंबई: हालिया सर्वेक्षण की रिपोर्ट में भारतीय कार्मचारियों के बारे में बड़ी ही दिलचस्‍प बात सामने आई है. रिपोर्ट के अनुसार भारतीय कर्मचारियों की सैलरी जैसे-जैसे बढ़ती है, उनकी नींद की गुणवत्‍ता और बेहतर होती है.

यह खुलासा इंडिया स्‍ल‍ीप एंड वेलनेस सर्वेक्षण में किया गया है, जिसे संडे मैट्रेस द्वारा आयोजित किया गया था. इस सर्वेक्षण में 25 से ज्‍यादा उम्र के कर्मचारियों को शामिल किया गया, जिसमें कर्मचारियों की नींद और उन्‍हें मिलने वाली सैलरी के बीच सीधा संबंध पाया गया. यह सर्वे दिल्‍ली, मुबई और बेंगलुरु में किया गया.

रिपोर्ट के अनुसार सैलरी बढ़ने पर जहां कर्मचारियों को अच्‍छी नींद आती है, वहीं उनकी उत्‍पादकता में भी वृद्धि होती है. अच्‍छी नींद लेने वाले सर्वे में शामिल दो तिहाई लोगों का कहना था कि वह अपने काम में उनका मन लगता है और वह बेहतर तरीके से काम कर पाते हैं. जबकि नींद की कमी से जूझ रहे कर्मचारियों का मानना था कि वह काम में उत्‍पादकता के लिहाज से वह अपना सिर्फ 75 फीसदी या उससे भी कम दे पाते हैं.

सर्वे की रिपोर्ट में एक और दिलचस्‍प बात सामने आई है कि 30 साल से कम आयु के कर्मचारियों को 30 से ज्‍यादा आयुवर्ग के कर्मचारियों के मुकाबले अच्‍छी नींद आती है. वहीं 30 से 45 साल के कर्मियों में नींद की सबसे ज्‍यादा समस्‍याएं हैं. जबकि 45 साल से ज्‍यादा उम्र वाले कर्मचारियों को तीन गुना ज्‍यादा नींद से जुड़ी परेशानियां होती हैं.

लगभग 40 फीसदी लोग सुबह अलार्म से उठते हैं. ऐसे लोग मुंबई में सबसे ज्‍यादा हैं. मुंबई में 50 फीसदी कर्मी अलार्म की मदद से ही उठते हैं.

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हालांकि बेंगलुरु के लोग रात 10 से 11 के बीच सो जाते हैं, जो मुंबई में रहने वालों के मुकाबले काफी पहले हैं. मुंबई में ज्‍यादातर कर्मचारी आधी रात बीतने के बाद ही सोते हैं. जल्‍दी सोने के मामले में बेंगलुरु दिल्‍ली और मुंबई दोनों से बेहतर है.

वहीं ऐसे कर्मियों की नींद बेहतर होती है, जो परिवार के साथ रहते हैं या जो शादीशुदा हैं और जिनके बच्‍चे भी हैं उन्‍हें अच्‍छी नींद भी आती है और वह जल्‍दी सो भी जाते हैं. लेकिन जो माता-पिता अपने बच्‍चों के साथ सोते हैं, उन्‍हें नींद में समस्‍या रहती है. इसलिए यदि आप अच्‍छी नींद चाहते हैं तो बच्‍चों से अलग सोएं.

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सर्वे में नींद और मोटापे में भी संबंध पाया गया. जो लोग खुद को मोटा या ओवरवेट समझते हैं, उन्‍हें ऐसे लोगों के मुकाबले 2.5 गुना ज्‍यादा नींद की परेशानियां होती हैं, जो खुद को फिट मानते हैं. नींद और एक्‍सरसाइज के बीच भी संबंध दिखाया गया है. व्‍यायाम नहीं करने वाले लोगों में नींद नहीं आने की आशंका तीन गुना ज्‍यादा होती है. जबकि सप्‍ताह में 2 से 3 बार जिम जाने वाले लोगों में नींद की समस्‍या नहीं होती.

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