न्यूयार्क: मीनोपॉज के बाद महिलाओं को हृदयाघात के खतरे से बचने के लिए व्यायाम करनी चाहिए और कम कैलोरी वाले आहार का सेवन करना चाहिए. हाल ही में हुई एक सिरर्च में बताया गया है कि व्यायाम और कम कैलोरी वाले आहार का सेवन करने से महिलाओं को मीनोपॉज के बाद हृदयाघात और मधुमेह (टाइप-2) का खतरा कम हो सकता है. Also Read - नेताजी सुभाषचंद्र बोस की बहू कृष्णा बोस का हार्ट अटैक से निधन, आयु संबंधी बीमारियों से थीं ग्रसित

शोध में पाया गया कि शारीरिक रूप से सक्रिय महिलाओं में सुस्त महिलाओं की तुलना में मेटाबॉलिक सिंड्रोम कम होता है. मेटाबॉलिक सिंड्रोम से उन शारीरिक कारकों का समूह है जिनसे हृदय-रोग, आघात और मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है. मरीज में अत्यधिक चर्बी बढ़ने, अच्छे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा घटने और रक्त में चर्बी की मात्रा बढ़ने, उच्च रक्तचाप होने और हाई ब्लड शुगर होने पर मेटाबॉलिक सिंड्रोम की पहचान की जाती है. Also Read - सर्दी के मौसम में हार्ट के खतरे कम करे मेडिटेशन, डॉक्‍टर क्‍यों मानते हैं इसे बेहतर उपाय

अमेरिका स्थित स्टैंडफोर्ड हेल्थ केयर की एसोसिएट प्रोफेसर एस. ली ने कहा, “पहले की रिसर्च मीनोपॉज के बाद महिलाओं में हृदयवाहिनी के रोग और टाइप-2 मधुमेह पर केंद्रित रही है. यह अध्ययन अनोखा है क्योंकि यह ऐसे रोगों की रोकथाम पर केंद्रित है.” यह शोध जर्नल ऑफ क्लिनिकल एंडोक्राइनोलोजी एंड मेटाबॉलिज्म में प्रकाशित हुआ है. शोध में अधेड़ उम्र की 3,003 महिलाओं को शामिल किया गया था. Also Read - सर्दियों के मौसम में हार्ट को ज्‍यादा खतरा: मेडिटेशन कम करेगा रिस्‍क, डॉक्‍टरों ने बताया बेहतर उपाय

ली ने कहा, “रिसर्च में पाया गया कि मीनोपॉज के बाद व्यायाम और कम कैलोरी के आहार का सेवन करने से महिलाओं को मेटाबॉलिक सिंड्रोम की शिकायत से निजात मिल सकती है.”

(इनपुट आईएएनएस)