नई दिल्ली: दुनियाभर में हर साल 1 दिसंबर को वर्ल्ड एड्स डे मनाया जाता है. इसे मनाए जाने का मुख्य लक्ष्य लोगों को एड्स के प्रति जागरूक करना है. बता दें कि एड्स को दिवस को विश्व स्तर पर मनाए जाने की शुरुआत जेम्स डबल्यू बुन और थॉमस नेटर ने सन 1987 में की थी. हाल ही में संयुक्त राष्ट्र ने एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें बताया गया है कि दुनिया में एड्स से होने वाली मौतों में कमी आई है. साथ ही इससे संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या में भी गिरावट की गई है.

क्या होता है एचआईवी एड्स-

HIV को मेडिकल भाषा में ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस यानी एचआईवी के नाम से जाना जाता है. यह एक प्रकार के जानलेवा इंफेक्शन से होने वाली बीमारी है. इस रोग में जानलेवा इंफेक्शन व्यक्ति के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) पर हमला करता है. जिसकी वजह से शरीर सामान्य बीमारियों से लड़ने में भी अक्षम होने लगता है.

एड्स से होने वाली मौतों में आई है कमी-

एड्स से होने वाली मौतें 2004 की अपेक्षा आधी हो गई हैं. इसके बावजूद भी पिछले साल 7 लाख 70 हजार लोगों की इससे मौत हुई. 2007 से 2018 के बीच HIV संक्रमण में 37 फीसदी की गिरावट देखी गई है. साथ ही इससे होने वाली मौतों में 45 फीसदी की गिरावट आई है.

भारत की स्थिति-

भारत की स्थिति की बात करें तो पूरे देश में एचआईवी पीड़ितों की आबादी के मामलें में हमारा देश पूरे विश्व में तीसरा स्थान रखता है. यहां 15-20 लाख लोग एड्स से पीड़ित हैं और 1.50 लाख लोग वर्ष 2011-2014 के बीच इसकी वजह से मर चुके हैं. हमारे देश में कुल एड्स पीड़ितों में 40% महिलाएं इससे पीड़ित हैं.