World Blood Donor Day 2024: कैंसर के मरीज कर सकते हैं रक्तदान? जानिए क्या कहते हैं डॉक्टर

ब्लड डोनेट करना सराहनीय काम है, ऐसे में अक्सर ये सवाल उठता है कि क्या कैंसर के मरीज ब्लड डोनेट कर सकते हैं? आइए डॉक्टर से जानते हैं.

Published date india.com Published: June 14, 2024 3:10 PM IST
World Blood Donor Day 2024: कैंसर के मरीज कर सकते हैं रक्तदान? जानिए क्या कहते हैं डॉक्टर

रक्तदान उदारता का एक लाइफ सेविंग काम है. इसीलिए इसे महादान भी कहा जाता है. ऐसे में इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने को हर साल‘वर्ल्ड ब्लड डोनेट डे’मनाया जाता है. ब्लड डोनेशन को लेकर अक्सर लोगों के मन में कई सवाल आते हैं, इनमें से एक सवाल ये भी आता है कि क्या कैंसर के मरीज रक्तदान कर सकते हैं या नहीं? ऐसे में आज इसका जवाब हम डॉक्टर ऊष्मा सिंह, डायरेक्टर पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी एंड हेमाटोलॉजी, एंड्रोमेडा कैंसर हॉस्पिटल सोनीपत से जानेंगे.

डॉक्टर ऊष्मा सिंह ने बताया कि कैंसर सर्वाइवर्स के लिए, रक्तदान करने का फैसला बहुत ही व्यक्तिगत और साहसी है. यह समझना आवश्यक है कि सभी कैंसर सर्वाइवल ब्लड डोनेट नहीं कर सकते हैं, लेकिन जो कर सकते हैं लोगों का जीवन बचाने में मदद करते हैं.

कैंसर के टाइप पर करता है निर्भर-

एक बहुत ही आम अवधारणा ये है कि कैंसर सर्वाइवर्स यानी कैंसर को हराने वाले मरीज कभी भी ब्लड डोनेट नहीं कर सकते, लेकिन कैंसर के टाइप, मरीज को दिए गए इलाज और मरीज की मौजूदा कंडीशन पर निर्भर करता है कि वो ब्लड डोनेट के लिए पात्र है या नहीं.

बैसल सेल कार्सिनोमा या इन-सिटु कैंसर जैसे कैंसर के मरीज सफल इलाज पाने के बाद रक्तदान कर सकते हैं. वहीं, जिन मरीजों को ल्यूकेमिया या लिम्फोमा जैसे कैंसर होते हैं, वो आमतौर पर ब्लड डोनेट करने के लिए पात्र नहीं माने जाते. कैंसर को हराने वाले जिन मरीजों का इलाज पूरा हो चुका हो, वो कुछ वक्त के बाद आमतौर पर एक साल के बाद ब्लड डोनेट कर सकते हैं. डोनर की सेहत का अच्छा होना बेहद जरूरी है, साथ ही स्टेबल ब्लड काउंट्स हों और किसी तरह का इंफेक्शन नहीं होना चाहिए.

कराते रहें स्क्रीनिंग-

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रक्तदान करना एक सराहनीय काम है, लेकिन डोनर और रिसीवर दोनों की सेहत सबसे पहले है. मेडिकल फील्ड में ब्लड डोनेशन एक बहुत ही क्रिटिकल हिस्सा होता है जिसकी मदद से सर्जरी, इलाज और इमरजेंसी की कंडीशन में जरूरी सपोर्ट मिलता है, लेकिन डोनर की सेहत सबसे पहले है, लिहाजा उसे लगातार स्क्रीनिंग कराते रहने की आवश्यकता है ताकि ब्लड सप्लाई सुचारू रहे.

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