नई दिल्ली: हमारे देश में दिल के रोगियों की संख्या में साल दर साल इजाफा हो रहा है. इसके कई कारण है. पर कुछ कारण ऐसे हैं जो कॉमन हैं. इन्हें जानना जरूरी है. साथ ही ये भी कि किस तरह आप अपने दिल की हिफाजत कर सकते हैं.Also Read - शरीर में गुड कोलेस्‍ट्रॉल बढ़ाकर कम कर सकते हैं हार्ट अटैक और स्‍ट्रोक का खतरा, जानिए Good Cholesterol बढ़ाने के 7 उपाय

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दिल की हिफाजत की जरूरत तो हर कोई समझता है, लेकिन इसके लिए प्रयास करने वाले लोग कम ही हैं. यही वजह है कि एक समय वृद्धावस्था में घेरने वाली दिल की बीमारी आज छोटी उम्र के लोगों को भी अपना शिकार बना रही है. एक शोध के अनुसार, भारत में पिछले 15 वर्षो में हृदयघात से मरने वालों की संख्या में 34% का इजाफा देखा गया है. हालत यह है कि लगभग हर घर में दिल की बीमारी के मरीज मौजूद हैं और यही वजह है कि सरकार को रूकी धमनियों को खोलने के लिए लगाए जाने वाले स्टेंट की कीमत निर्धारित करनी पड़ी ताकि इसका इलाज सबकी पहुंच में हो. Also Read - Rajasthan Bypolls 2021: मंच पर भाषण दे रहे नेता की Heart Attack से मौत, सीएम गहलोत ने किया ट्वीट

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भारत में क्यों बढ़ रहे मामले

विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत में खराब जीवनशैली, तनाव, शारीरिक गतिविधियों की कमी और अनियमित खानपान की वजह से लोगों को दिल से संबंधित गंभीर रोग हो रहे हैं. हृदय रोग, दुनिया में मृत्यु और विक्लांग्ता का प्रमुख कारण है और ह्रदय रोगों के किसी और रोग की तुलना में अधिक मौतें होती हैं. धर्मशिला नारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के डायरेक्टर, कार्डियो थोरेसिक अवं वैस्कुलर सर्जन, डॉ मितेश बी शर्मा बताते हैं कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर व्यक्ति तनाव से घिरा है, जो हृदयाघात का मुख्य कारण है. इसके अलावा अधिक मीठा या मसालेदार भोजन, धूम्रपान, शारीरिक गतिविधियों का अभाव दिल को कमज़ोर बना रहे हैं और प्रदूषण भी इसमें अपना योगदान दे रहा है.

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लापरवाही यानी जान चली जाएगी

पीएसआरआई हार्ट इंस्टीट्यूट के चेयरमैन डॉ टीएस क्लेर का कहना है कि दिल की संभाल में लापरवाही बरतना जान पर भारी पड़ सकता है. एक बार हार्ट अटैक झेल चुके लोगों को और अधिक सावधानी से अपनी जीवन शैली में बदलाव करना चाहिये.

क्या हैं लक्षण

धमनियों में रुकावट होने पर सीने में दबाव और दर्द के साथ खिंचाव महसूस होता है. कई बार मितली, सीने में जलन, पेट में दर्द या फिर पाचन संबंधी दिक्कतें भी आने लगती हैं. बाएं कंधे में दर्द भी दिल की बीमारी की दस्तक हो सकता है. पैरों में दर्द, सूजन, पसीना आना और घबराहट होना भी खतरे की घंटी हो सकता है. इन लक्षणों को गंभीरता से लेना चाहिए.

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कैसे बचाएं दिल को

मेडिकवर फर्टिलिटी की क्लिनिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसलटैंट, डॉ श्वेता गुप्ता के अनुसार महिलाओं में विभिन्न कारणों से माहवारी का अनियमित होना, गर्भ धारण करने में असमर्थता, मोटापा, चेहरे और छाती पर ज्यादा बाल आदि जैसे लक्षण दिल की बीमारियों की आशंका बढ़ाते है. ऐसे में पौष्टिक आहार, सही जीवन शैली और समय-समय पर जांच करवाने से बीमारी का शुरूआती अवस्था में ही पता लगाकर इसका उपचार संभव है.

World Heart Day

लोगों को इस संबंध में जागरुक करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाता है.

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