नई दिल्ली: हृदय से जुड़े रोग अब लाइफस्टाइल का हिस्सा बन चुके हैं. आपने भी अपने परिवार, रिश्तेदारों में से किसी को हृदय रोग होते देखा ही होगा. पर घबराने की जरूरत नही है. अपने खानपान में थोड़े से बदलाव करके आप खुद को और अपने परिवार को इस बीमारी की जद से हमेशा के लिए दूर कर सकते हैं.Also Read - Delhi: सीनियर कांग्रेस नेता अरविंदर सिंह का हार्ट अटैक से निधन, पंचतत्‍व में विलीन

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इस भागदौड़ भरी जिंदगी में थोड़ा व्यायाम और अच्छा खानपान दोनों ही जरूरी हैं. इसके लिए न्यूट्रिशनिस्ट और बेलैंस को न्यूट्री एक्टीवेनिया की प्रमुख अवनि कौल ने दिल को स्वस्थ रखने के लिए ये सुझाव दिए हैं.

– उतना ही खाएं जितनी भूख हो. मोटापे से रक्तचाप बढ़ता है और फिर दिल की अनेक बीमारियां होने का अंदेशा रहता है. इसलिए हमेशा शरीर की जरूरत भर ही खाना खाएं. मैदा इत्यादि का सेवन कम करें. सब्जियां और फलों की मात्रा बढ़ाएं.

– घर पर बने खाने को प्राथमिकता दें. घर पर बना भोजन पौष्टिक होता हैं, क्योंकि आप स्वयं सब्जी, मसाले, चिकनाई एवं पकाने की विधि का चयन करते हैं. खाने को ज्यादा स्वादिष्ट बनाने के लिए उसमें विभिन्न प्रकार के मसाले डाल सकते हैं और नमक एवं चीनी जैसे हानिकारक तत्वों की मात्रा कम कर सकते हैं.

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– सब्जियों को अधिक तलकर या भूनकर ना बनाएं. इन विधियों में तेल की खपत अधिक हाती है जिससे मोटापा बढ़ता है. उबालकर या कम तेल में खाना बनाने की चेष्टा करें और जहां तक हो सके, हमेशा ताजा खाना खाएं.

– साबुत दालें-अनाज, सब्जियां जैसे गाजर, टमाटर आदि में ना घुलने वाला फाइबर होता है. दलिया, सेम, लोभिया सूखे मेवे और फल जैसे सेब, नींबू, नाशपाती, अनानास आदि में घुलनशील फाइबर होते हैं. फाइबर युक्त भोजन करें. फाइबर युक्त भोजन अधिक समय तक पेट में रहता है, जिसके कारण पेट भरा महसूस होता है और खाना भी कम खाया जाता है. इस कारण वजन भी कम होता है. फाइबर युक्त भोजन से शरीर व हृदय दोनों सशक्त होते हैं.

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– भोजन में अधिक नमक की मात्रा होने से रक्तचाप बढ़ जाता है. इस कारण हृदय में कई बीमारियां होने की संभावना भी बढ़ जाती है. जहां तक हो सके, ताजा खाना खाने की चेष्टा करें, क्योंकि पहले से निर्मित किये भोजन में कई हानिकारक पदार्थ होते हैं. ये भोजन का स्वाद ठीक बनाए रखने के लिए डाले जाते हैं. खाने को अधिक स्वादिष्ट बनाने के लिए मसाले, हरा धनिया, पुदीना आदि डालिए. इस तरह नमक की मात्रा भी कम हो जाएगी.

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– तेल, दूध एवं दूध से बनी वस्तुएं और लाल मांस में नुकसानदेह चिकनाई होती है जो आपका बुरा कॉलेस्ट्रॉल बढ़ाकर आपके हृदय को अस्वस्थ करती है, लेकिन मछली, अंडा, झिल्ली उतारा हुआ मुर्गा, दालें, टोफू, किनोआ इत्यादि से पोष्टिक प्रोटीन एवं फायदेमंद चिकनाई दोनों मिलती है. बाजार में मिलने वाले अधिकतर खाने की वस्तुओं में अच्छा पौष्टिक तेल नहीं होता. इस कारण इनका उपभोग कम से कम करना चाहिए.

– चीनी एवं मैदे का उपयोग कम से कम करना चाहिए और भोजन में पौष्टिक तत्व जैसे सूखे मेवे, हरी सब्जियां इत्यादि का उपयोग बढ़ा देना चाहिए.

World Heart Day

लोगों को इस संबंध में जागरुक करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाता है.

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