नई दिल्ली: हेपाटाइटिस बी (world hepatitis day 2020) वायरस के कारण होने वाली एक संक्रामक बीमारी है जो मनुष्य के साथ बंदरों की प्रजाति के लीवर को भी संक्रमित करती है, जिसके कारण लीवर में सूजन और जलन पैदा होती है जिसे हेपाटाइटिस कहते हैं. विश्व हेपेटाइटिस दिवस हेपेटाइटिस के बारे में जागरूकता बढ़ाने और वर्ष 2030 तक वैश्विक उन्मूलन के लक्ष्य की प्राप्ति करने के लिए  जनता द्वारा की जाने वाली कार्रवाई प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिवर्ष 28 जुलाई को मनाया जाता है. Also Read - World Hepatitis Day 2020: भूलकर भी ना करें ये गलतियां वरना खराब हो सकता है आपका लीवर

क्या होता है हेपाटाइटिस Also Read - World Hepatitis Day 2020: लीवर को रखना चाहते हैं फिट तो डाइट में शामिल करें ये खास चीजें

हेपेटाइटिस में मरीज के लीवर में सूजन आने लगती है. रोग की स्थिति क्रोनिक हेपेटाइटिस में बढ़ सकती है, जो कि लीवर पर निशान (लीवर का सिकुड़ना) या लीवर कैंसर विकसित कर सकता है. हेपेटाइटिस वायरस पांच प्रकार- हेपेटाइटिस ए वायरस (एचएवी), हेपेटाइटिस बी वायरस (एचबीवी), हेपेटाइटिस सी वायरस (एचसीवी), हेपेटाइटिस डी वायरस (एचडीवी) और हेपेटाइटिस ई वायरस (एचवीवी) होता है. हेपेटाइटिस ई वायरस (एचवीवी) विश्व में हेपेटाइटिस का सबसे सामान्य कारण है. वैश्विक हेपेटाइटिस रिपोर्ट 2017 के अनुसार, वायरल हेपेटाइटिस बी और सी प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है, जो कि वैश्विक स्तर पर 325 मिलियन लोगों को प्रभावित करती हैं तथा जिससे प्रतिवर्ष 1.34 मिलियन मृत्यु हो जाती हैं. Also Read - World Hepatitis Day 2020: कल है हेपाटायटिस डे, जानिए और क्या है इस बीमारी का इलाज

हेपेटाइटिस बी वैक्सीन

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और यू.एस. सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) द्वारा 18 वर्ष तक के बच्चों और सभी शिशुओं के लिए हेपेटाइटिस बी वैक्सीन की सिफारिश की गई है. सीडीसी यह भी सिफारिश करता है कि उच्च जोखिम वाले समूहों में वयस्कों को टीका लगाया जाए.

हेपेटाइटिस बी वैकसीन सुरक्षित और असरदार है, इसे सभी नवजात शिशुओं के लिए जन्म के समय देने की सिफारिश की जाती है. और 14 वर्ष की आयु तक के बच्चों के लिए सिफारिश की जाती है. हेपेटाइटिस बी वैकसीन मधुप्रमेह के वयस्क मरीज़ों और अपने व्यवसाय के कारण अधिक जोखिम वाले वातावरण में काम करने वालों के लिए उनके जीवन के तरीक़ों, उनका वातावरण और जन्म के देश को ध्यान में रखकर उनके लिए भी इस वैकसीन की सिफारिश की जाती है. सभी को कुछ न कुछ जोखिम रहता है, सभी वयस्कों को हेपेटाइटिस बी का वैकसीन आजीवन सुरक्षा के लिए और रोका जा सके ऐसे लीवर के रोग के लिए वैकसीन लेना चाहिए.

हेपेटाइटिस बी वैकसीन कैसे लगवानी चाहिए ?

हेपेटाइटिस बी वैकसीन आप के डोक्टर के पास उपलब्ध है और स्थानिक अस्पताल में हेपेटाइटिस बी वैकसीन के तीन डोज़ लेने होते हैं,  यह अवश्य याद रखें कि संक्रमण वाली माता को पैदा होने वाले नवजात शिशु को प्रसूति रूम में ही हेपेटाइटिस बी का पहला डोज़ दिया जाना चाहिए अथवा जन्म के बाद 12 घंटों के अंदर देना चाहिए.

पहला डोज़ – किसी भी समय पर, किंतु नवजात शिशु को प्रसूति रूम में ही देना चाहिए.
दूसरा डोज़ – प्रथम डोज़ के एक माह बाद बाद.
तीसरा डोज़ – प्रथम डोज़ के छ माह बाद .

हेपेटाइटिस बी किसको होने का अधिक खतरा है ?
– परिवार या घर में रहने वाले अन्य सदस्य जिसको हेपेटाइटिस बी का संक्रमण है, उसके समीप या संपर्क में रहने से.- यौन संबंध में सक्रिय वयस्क या तरूण वय के व्यक्ति.
– ऐसे पुरुषों को जो पुरुषों के साथ यौन संबंध रखते हों.
– संक्रमण वाली माता के जन्मे हुए नवजात शिशु को
– चिकित्सा के काम में जुटे कार्यकर्ताओं और चिकित्सकों को.
– शरीर में अशुद्ध खून चढ़ाने से
– इंजेक्शन से ड्रग्स लेने वाले, भूतकाल और वर्तमान के लोग
– ऐसे लोग जो टैटू बनवाते हैं या शरीर में छेद करवाते हैं.
– ऐसे लोग जो सड़क पर काम करने वाले डोक्टर्स, दाँत के चिकित्सक या हजाम से इलाज कराते हों.