Year Ender 2023: इस साल ह्यूमन मेटोन्यूमोवायरस की चपेट में आए कई, सामान्य से दिखते हैं इसके लक्षण

ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस का संक्रमण रेस्पिरेटरी सिस्टम (श्वसन तंत्र) के ऊपरी और निचले दोनों हिस्सों को प्रभावित कर सकता है.

Written by: Shweta Bajpai Edited by: Shweta Bajpai
Published: December 13, 2023, 5:44 PM IST

हर साल कोई न कोई बीमारी लोगों को अपनी चपेट में लेती है, इस साल भी कुछ बीमारियों ने लोगों को अपना शिकार बनाया. इन्हीं में से एक है HMPV Virus या Human metapneumovirus. इस वायरस ने दुनियाभर में लोगों को अपनी गिरफ्त में लिया. हेल्थ एक्सरपर्ट्स की मानें तो इस वायरस का खतरा वायरस बच्चों और बुजुर्गों के साथ उन लोगों में अधिक होता है, जो पहले से बीमार होते हैं, हालांकि आम लोग भी इसकी चपेट में आ सकते हैं. साल की शुरुआत में ह्यूमन मेटोन्यूमोवायरस ने सबसे पहले अमेरिका को अपनी गिरफ्त में लिया.

क्या है ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस?

ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) की बात करें तो ये एक तरह का वायरस है. इसके लक्षण लगभग सर्दी -जुकाम जैसे होते हैं. ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस का संक्रमण रेस्पिरेटरी सिस्टम (श्वसन तंत्र) के ऊपरी और निचले दोनों हिस्सों को प्रभावित कर सकता है. एचएमपीवी वायरस एक तरह का वायरस है और इसका संक्रमण शरीर में रेस्पिरेटरी सिस्टम को प्रभावित करता है. इसे रेस्पिरेटरी सिंकिटियल वायरस (RSV) की फैमिली का बताया जाता है. ये क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) की समस्या वाले लोगों के जोखिमों को भी बढ़ाने वाला हो सकता है. इस वायरस को पहली बार 2001 में खोजा गया था. ये विभिन्न सामान्य संक्रमणों का कारण बन सकता है.

ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस के लक्षण-

-वायरल बुखार
– सर्दी
-खांसी
-जुकाम
-सांस लेने में परेशानी
-अस्थमा का अनुभव
-घबराहट
– नाक बंद होना
-फेफड़ों में इन्फेक्शन

किन लोगों को होता है ज्यादा खतरा?

हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो छोटे बच्चों और बुजुर्गों को इससे ज्यादा खतरा हो सकता है. इसके साथ ही जिन लोगों की इम्युनिटी वीक होती है उन्हें भी इसका खतरा रहता है. आम लोगों के मुकाबले उन्हें ठीक होने में ज्यादा समय लग सकता है. इससे कई परेशानियों का खतरा हो सकता है, जैसे ब्रोंकोइलाइटिस, ब्रोंकाइटिस और निमोनिया आदि.

कैसे फैलता है-

– ड्रॉपलेट के जरिए

– खांसने, छीकने, संक्रमित व्यक्ति से हाथ मिलाने से

-संक्रमित चीजों को छूने से

कैसे बचें-

बाजार में अभी इस वायरस का कोई टीका उपलब्ध नहीं है. अधिकतर मामलों में देखा गया है कि मरीज अपने आप ठीक हो जाते हैं. कुछ तरकीबों को अपनाकर इससे बचा जा सकता है-

-हेल्दी हाईजीन फॉलो करें
– बार-बार हाथ धोएं
– खांसते और छींकते हुए रुमाल से चेहरे को ढंकें
– संक्रमित व्यक्तियों से दूरी रखें
-दवाइयों की मदद से दो से 5 दिन में ठीक हो सकता है

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