नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में अन्नाद्रमुक की महासचिव शशिकला नटराजन को आरोपमुक्त करार देने वाले कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले को निरस्त कर दिया है। शशिकला को दोषी ठहराते हुए कोर्ट ने उन्हें साल कारावास की सजा और 10 करोड़ रुपए बतौर जुर्माना लगाया है। शशिकला के खिलाफ इस फैसले ने पन्नीरसेल्वम के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ कर दिया है। चारों को निचली अदालत ने दोषी साबित किया था लेकिन हाई कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया था। जानिए इस केस के 10 अहम फैक्ट्सAlso Read - Weather News Upadte: IMD का अलर्ट, कल रात से कहां होगी बर्फबारी, देश के किन राज्‍यों में होगी बारिश

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-जयललिता पर आरोप है कि उन्होंने 1991 से 1996 की अवधि में पहली बार तमिलनाडु की सीएम रहते अपने ज्ञात स्रोतों के अतिरिक्त 66 करोड़ रुपए की अप्रमाणिक संपत्ति अर्जित की। Also Read - टमाटर देश के कई राज्यों में 120 रुपए किलो से अधिक में बिक रहा

-शशिकला, जो लंबे वक्त तक जयललिता के साथ रही हैं, उनपर इस मामले में उकसावे और आपराधिक षड़यंत्र का आरोप है। उनके रिश्तेदारों सुधाकरण और इलावरासी पर भी आरोप है।

-इस केस की सुनवाई को तमिलनाडु से कर्नाटक स्थानांतरित कर दिया गया। ऐसा अंदेशा था कि जयललिता के सीएम रहते इस केस की निष्पक्ष सुनवाई नहीं हो सकती है। सितंबर 2014 में, बेंगलुरु की स्पेशल कोर्ट ने चारों को 4 साल का कारावास और 100 करोड़ रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी।

-मई 2015 में, कर्नाटक हाई कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए सभी को दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट ने माना था कि उनपर लगे आरोप लंबे वक्त तक चल सकने वाले नहीं हैं। स्पेशल कोर्ट के फैसले के बाद जयललिता ने मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ दी थी। हाई कोर्ट के फैसले ने उनके दोबारा सीएम बनने का रास्ता खोलने का काम किया।

-इसके तुरंत बाद, कर्नाटक सरकार, डीएमके नेता के अनबझागण और बीजेपी नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।

-कर्नाटक सरकार ने जिरह की कि अगर हाई कोर्ट के फैसले को बदला नहीं किया गया तो राजनीतिज्ञों और सरकारी कर्मचारियों में भ्रष्टाचार को रोकने में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम नाकाम हो जाएगा और इससे एक गलत संदेश भी जाएगा।

-कर्नाटक राज्य ने यह भी कहा कि संपत्ति की गणना करने में हाई कोर्ट से कुछ गलतियां (मैथमेटिकल एरर) हुए हैं।

-अपने जवाब में, जयललिता ने दावा किया कि हाई कोर्ट ने किसी तरह का मैथमेटिकल एरर नहीं किया है। उन्होंने कहा कि 1991 से 1996 तक की अवधि में अर्जित की गई उनकी संपत्ति पूरी तरह वैध है।

-जून तक चली सुनवाई के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

-सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले को पलट दिया है जिससे शशिकला के सीएम बनने का सपना अधूरा रह गया है। अब वह 6 साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगी।