कोझिकोड/तिरुवनंतपुरम: निपाह वायरस के कारण उत्तरी केरल के कोझिकोड़ और मलप्पुरम जिलों में अब तक दस लोगों की मौत हो गई है जबकि दो लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है. स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा ने ने यह जानकारी दी. उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को केरल में वायरस फैलने के बारे में सूचित किया गया है. राजन और अशोकन नाम के दो व्यक्तियों का कोझिकोड़ में इलाज चल रहा था. उनकी आज सुबह मृत्यु हो गई. उनके वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है. Also Read - Eid In Kerala 2020 Live Updates: केरल में नहीं हुआ चांद रात का दीदार, 24 मई को मनाई जाएगी ईद

नर्सिंग सहायक 28 वर्षीय लिनी की भी इस वायरस के संपर्क में आने के कारण सोमवार को मौत हो गई. वायरस संक्रमण के परीक्षण के लिए 18 नमूने भेजे गए थे जिनमें से 12 में संक्रमण की पुष्टि हुई. इनमें से दस लोगों की मौत हो गई. मलप्पुरम में 20 मई को सिंधु और सिजिता की मृत्यु हुई थी. उनके भी निपाह वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है. लिनी ने मौत से कुछ मिनट पहले एक भावुक पत्र लिखा, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

वह मरीजों का इलाज करने के दौरान इस वायरस के संपर्क में आई थी. लिनी के पति बहरीन में काम करते हैं. उसके दो बेटे हैं जिनकी उम्र पांच वर्ष और दो वर्ष है. अपने पति साजीश के लिए लिखे पत्र में लिनी ने कहा है‘ मैं जा रही हूं. मुझे नहीं लगता कि मैं आपसे मिल पाऊंगी. इसमें उसने पति से कहा है कि वह बच्चों का ध्यान रखें और उन्हें अपने साथ खाड़ी देश ले जाएं. वायरस फैलने के अंदेशे के कारण लिनी के परिजन उनके शव को देख भी नहीं सके. उनका अंतिम संस्कार प्राधिकार की ओर से ही किया गया.