नई दिल्ली. आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 10 फीसदी आरक्षण का बिल लोकसभा के बाद राज्यसभा में पास हो गया. लेकिन सशस्त्र बल पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. इसके पीछे वजह यह है कि सशस्त्र बल को किसी भी तरह के कोटा (आरक्षण) से बाहर रखा गया है. Also Read - Kargil Vijay Diwas: पीएम नरेंद्र मोदी ने की सशस्त्र बलों की प्रशंसा, बोले- उनकी वीरता पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी

जवानों की भर्ती और नौकरी में अफसरों का पदभार मेरिट के आधार पर होता है. अंग्रेजी अखबार इकॉनमिक टाइम्स से बात करते हुए अधिकारियों ने यह भी कहा कि रक्षा मंत्रालय ने इस मामले में किसी तरह की चर्चा नहीं की है. Also Read - राजनाथ सिंह बोले- पाकिस्तान के घुसपैठ रोकने तक सशस्त्र बल मुहंतोड़ जवाब देते रहेंगे

सेना इसके अंतर्गत नहीं आता
कई रक्षा अधिकारियों ने बताया कि यद्यपी आरक्षण सरकारी नौकरियों के लिए है, लेकिन सेना जैसी सर्विस इसके अंतर्गत नहीं आती है. सेना में किसी तरह का आरक्षण नहीं है और न तो होने की संभावना है. सेना को इससे अलग रखा गया है. ऐसे में नया कोटा भी इसमें किसी तरह से लागू नहीं होगा. Also Read - जम्मू-कश्मीर: सेना ने अनंतनाग में हिज्बुल के तीन आतंकियों को किया ढेर, एक जवान घायल

आरक्षण का सामना नहीं करता
एक अन्य अधिकारी के मुताबिक, सशस्त्र बल कभी भी आरक्षण का सामना नहीं करती है. वे आरक्षण का सम्मान नहीं करते हैं. सेना में सिलेक्शन मेरिट के आधार पर होता है. यहां तक अधिकारियों के मामले में भी सशस्त्र बल पिरामिडल स्ट्रक्चर को फॉलो करता है.