नई दिल्‍ली. देश के कई बड़े शहरों जैसे मुंबई, दिल्‍ली, नोएडा, नाशिक, पुणे, सतारा के लोगों को सोमवार से ओला और उबर टैक्‍सी की सुविधा लेने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, क्‍योंकि इनके ड्राइवर हड़ताल करने जा रहे हैं. ओला और उब के ड्राइवरों ने चेतावनी दी है कि वे रविवार की रात से ही प्रमुख शहरों में हड़ताल शुरू करने जा रहे हैं. इनमें देश के प्रमुख शहरों में दिल्‍ली, बेंगलुरु और पुणे भी शामिल हैं. इसके चलते ऑफिस जाने वालों को कैब की उपलब्‍धता में कमी का सामना करना पड़ सकता है. इससे संबंधित आप यहां 10 प्‍वाइन्‍ट्स जान सकते हैं:- Also Read - पूर्व अटार्नी जनरल अशोक देसाई का निधन, कई कानूनी मामलों का कर चुके हैं नेतृत्व

1. सोमवार सड़कों पर कैब की कमी दिखाई दे सकती है, ड्राइवरों का दावा है कि उन्‍हें, मुंबई, दिल्‍ली, नोएडा, नासिक, पुणे, सतारा आदि में काफी समर्थन प्राप्‍त है. Also Read - Coronavirus, Lockdown: रोड पर भूखे वाहन चालकों को खिला रहे खाना ये दो ड्राइवर

2. मनसे की ट्रांसपोर्ट विंग महाराष्‍ट्र नवनिर्माण वाहतूक सेना के संजय नाईक ने कहा,” हमें ओला और उबर की विभिन्‍न यूनियनों का पूरे देश से समर्थन प्राप्‍त है और अकेले मुंबई में ही असल से 60,000 कैब सड़क से बाहर हो जाएंगी.” Also Read - Ola and Uber drivers are going on strike today | आज ओला-उबर कैब चालक हड़ताल पर, ऑफिस जाने वालों को भारी परेशानी

3. नाइक ने कहा, ”हमारी मांगें साधारण हैं सरकार को हमारी चिंताओं पर ध्‍यान देना चाहिए और कम से कम हमसे मिले. हमने कई पत्र महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री और परिवाहन मंत्री और परिवहन विभाग को लिखे लेकिन कोई भी हमारी मांगों को सुनने के लिए नहीं मिला.

4. यूनियनों की मुख्‍य मांग ये है कि ओला और उबर को चाहिए कि वे 1.25 लाख रुपए का बिजनेस सुनिश्‍चित करें जैसा कि उन्‍होंने शुरुआत में किया था. कंपनी अपनी निजी कारों के बिजनेस को बंद करे. ब्‍लैकलिस्‍टेड ड्राइवरों को दोबारा बहाल करे, जिन्‍हें पैसेंजर्स ने लो रेटिंग दी है. वाहन की कीमत के हिसाब से भाड़ा तय करे और कम किराया वाली बुकिंग बंद करे.

5. ड्राइवर इस बात से भी नाराज हैं कि राज्‍य सरकार ने घोषणा की थी कि ओला और उबर कैब को सीएनजी पर चलाना चाहिए.
6. मुंबई, दिल्‍ली, बेंगलुरु, गुड़गांव और अन्‍य शहरों के ड्राइवर सुबह 8 बजे से अपनी डिवाइस बंद कर देंगे. इसके साथ ही वे ओला और उबर के ऑफिसों के बाहर प्रदर्शन करेंगे.

7. मुंबई में 45000 एग्रीगेटर कैब है. बिजनेस में मंदी के कारण 20 फीसदी एग्रीगेटर कैब रोड में कम हो गई हैं.

8. इन कैब के लिए लोन देने वाली बैंकों ने हजारों वाहनों को जब्‍त कर लिया है. ड्राइवर लोन को चुकाने की स्थिति में नहीं है. ड्राइवर जो अपना स्‍वयं का वाहन ओला या उबर के लिए चालाते हैं उन्‍हें अपना परिवार चलाने के लिए 12 घंटे से ज्‍यादा कैब चलाना पड़ती है.

9.नाइक ने आरोप लगाया कि ये टैक्‍सी चलवाने वाली कंपनियां पहली प्राथमिकता कंपनी की कारों को देती हैं, बाद में ड्राइवरों के वाहनों को. इससे बिजनेस घाटे में है.

10. किराए पर टैक्‍सी चलवाने वाली इन कंपनियों ने लोन गारंटी लेटर ड्राइवरों को मुद्रा स्‍कीम के तहत ऑफर किया था और वो भी बिना किसी वेरीफिकेशन के, नाईक ने दावा किया कि लोन चुक्‍ता करने में गड़बड़ी कर रहे हैं और उनकी कीमत को कवर नहीं किया गया.