एटा: जनपद की गोपाल गौशाला में कर्मियों की लापरवाही के चलते 11 गायों की संदिग्ध परिस्थितियों में दर्दनाक मौत होने की खबर है. यह गौशाला थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के जीटी रोड मंडी समिति के पास स्थित है. स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचीऔर गायों के शवों को कब्जे में लेकर उनका पोस्टमार्टम करवाया. Also Read - मुहूर्त कारोबार: NSE Sensex अपनी सर्वकालिक ऊंचाई पर, BSE में लगभग सभी क्षेत्र लाभ में

Also Read - दीपावली के मद्देनजर DMRC ने जारी की अहम सूचना, केवल इतने समय तक ही चलेगी मेट्रो

यूपी पुलिस की छवि सुधार रहा ये सब इंस्पेक्टर, फेसबुक पोस्ट पढ़कर की गरीब बच्चे की मदद, मिली तारीफ Also Read - #Gold: धनतेरस से पहले यहां खरीदें सबसे सस्ता और खरा सोना, टैक्स रिटर्न और लॉकर की नहीं होगा झंझट

स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शहर की मंडी समिति के निकट स्थित गोपाल गौशाला में यह दर्दनाक घटना हुई. 11गायों की मौत होने की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया और मौके पर इंस्पेक्टर कोतवाली नगर पंकज मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे और घटना की सूचना जिला प्रशासन को दी.एसडीएम सदर भी मौके पर पहुंचे. गायों की मौत के लिए गौशाला का प्रबंधन को स्पष्ट तौर पर जिम्मेदार बताया जा रहा है. प्रबंधन ने इस घटना पर पर्दा डालने के लिए तत्काल जेसीबी मशीन से गहरा गड्डा खुदवाकर मृत गायों को उसमें डालने का प्रयास किया. उन्होंने इस घटना की सूचना प्रशासन को नहीं दी. आरंभिक जांच में यह सामने आया कि दीपावली पर गौशाला को रोशन करने के लिए छत पर रखी पानी की टंकी पर भी बिजली की झालर सजाई गई थी, जिसमें करंट उतरने के चलते ये दर्दनाक हादसा हुआ.

दीपावली की सजावट ने ले ली जान

लोगों ने बताया कि झालर से गौशाला तो रोशन हुई, लेकिन पानी की टंकी में उतरे करंट से 11 गायों की जान चली गई. जांच के बाद पता चला कि गौशाला के कर्मचारी दिवाली मनाने मे इतने मस्त थे कि वह गौशाला में गायों को पानी पिलाने के लिए लगी समरसेबल पंप को चलाने के बाद बंद करना भूल गए और छत पर लगी पानी की टंकी से पानी ओवर फ्लो होकर ऊपर से निकलकर चारों ओर बहने लगा, जिसके चलते सजावट के लिए लगी झालर के तार से करंट पानी के साथ नीचे उतर आया और गौशाला में लोहे के गेट के किनारे बैठी गाय करंट की चपेट में आ गई.

यूपी के सम्भल में रोडवेज बस और बोलेरो के बीच भीषण टक्कर, 8 लोगों की मौत

अपनी गलती छुपाने के लिए घबराए गौशाला प्रबंधन मेंआनन-फानन में जेसीबी बुलाकर गौशाला के पास ही एक बड़ा गड्ढा खुदवाकर उसमें गायों को दफन करने की योजना बनाई. जब वे 11 मृत गायों को दफन करने की तैयारी कर रहे थे, उस समय यह खबर फैलने से वहां आस-पास के लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई और घटना की सूचना थाना पुलिस को दी गई. प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने मृतक गायों का घटनास्थल पर ही पोस्टमार्टम करा उनका सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कराया. इस पूरे क्रम में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर का विशेष योगदान देखने को मिला. उन्होंने पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार के लिए ले जाई जा रही गायों पर बाजार से शालें मंगाकर उढ़वाकर व नमक की कई बोरियां मगाकर गड्ढे में डलवाकर उनका अंतिम संस्कार करवाया.  गोपाल गौशाला के मुनीम नंद किशोर गुप्ता ने बताया कि दिवाली पर गौशाला की सजावट के लिए झालर डाली गई थी, जिसमें झालर पानी की टंकी के ऊपर भी पड़ी थी. जहां से पानी की टंकी छलक के पानी ऊपर आ गया और पानी के साथ करंट आने से गायों की मौत हो गई. फिलहाल मामले की तफ्तीश जारी है. (इनपुट एजेंसी )