अमृतसर. 10 साल से ज्यादा वक्त जेल में बिताने के बाद, 3 पाकिस्तानी नागरिकों को गुरुवार को रिहा किया गया. इसमें एक नाबालिग लड़की भी शामिल है. फातिमा और उनकी 11 साल की बेटी हिना और फातिमा की बहन मुमताज को जेल से रिहा किया गया है. Also Read - मौत की अफवाहों पर सामने आया मुमताज का रिएक्शन, कहा- 'जब मैं मरूंगी तो ये कोई सीक्रेट नहीं होगा'

दो पाकिस्तानी बहनों, फातिमा और मुमताज को उनकी मां के साथ 2006 में नार्कोटिक्स स्मगलिंग करने पर गिरफ्तार किया गया था. साल 2006 में फातिमा और उनकी बहन मुमताज को अटारी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया था. दोनों को उस वक्त गिरफ्तार किया गया था जब वो समझौता एक्सप्रेस से भारत आई थीं. उनपर ड्रग्स रखने का आरोप था. दोषी पाए जाने के बाद उन्हें भारतीय अदालत ने 10 साल की सजा और चार लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी. जुर्माने की राशि न चुका पाने के बदले कोर्ट ने उन्हें 4 साल और जेल में गुजारने का आदेश सुनाया था. Also Read - मुमताज के प्यार में पागल थे शम्मी कपूर, एक जिद ने सब खत्म कर दिया, पत्नी गीता बाली की मांग में नहीं भरा था सिंदूर

उनकी मां की साल 2008 में जेल में ही मौत हो गई थी. फातिमा को जब कस्टडी में लिया गया तब वह गर्भवती थीं और अमृतसर जेल में ही उन्होंने अपनी बेटी हिना को जन्म दिया. हिना सिर्फ स्कूल जाने के लिए ही जेल से बाहर आती थीं. बाकी वक्त वो जेल में ही रहती थीं. फातिमा और उनकी बहन मुमताज ने अपनी 10 साल की सजा नवंबर महीने में ही पूरी कर ली थी लेकिन जुर्माने की राशि न चुका पाने की वजह से उन्हें, उनकी बहन और बेटी को रिहा नहीं किया गया था.

फातिमा ने रिहाई के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके केस पर खास ध्यान देने के लिए शुक्रिया कहा. जेल से रिहा होने के बाद फातिमा ने कहा- हम उनका शुक्रिया अदा करते हैं और उन्हें सलाम करते हैं.