नई दिल्ली: सरकार के राष्ट्रीय टीकाकरण तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) ने कोविड-19 रोधी कोविशील्ड टीके की दो खुराकों के बीच अंतर बढ़ाकर 12-16 हफ्ते करने की सिफारिश की है. कोवैक्सिन की खुराकों के बीच अंतराल में किसी तरह के बदलाव की अनुशंसा नहीं की गई है. समूह ने कहा है कि गर्भवती महिलाओं को कोई भी टीका लगवाने का विकल्प दिया जा सकता है. Also Read - COVID19 Cases Updates: देश में 71 दिन में आज आए सबसे कम कोरोना केस, 3300 से ज्‍यादा मौंतें

सूत्रों ने कहा, ” वास्तविक जीवन के मौजूदा साक्ष्यों, खासकर ब्रिटेन से मिले साक्ष्यों के आधार पर कोविड-19 कामकाजी समूह कोविशील्ड टीके की दो खुराकों के बीच अंतराल को बढ़ाकर 12 से 16 हफ्ते करने पर सहमत हुआ है. कोवैक्सिन की खुराकों के बीच अंतराल में किसी तरह के बदलाव की सिफारिश नहीं की गई है. Also Read - Delhi Unlock: दिल्ली में अगले हफ्ते से खुल सकते हैं जिम, रेस्‍टोरेंट, मल्‍टीप्‍लेक्‍स, सैलून और साप्ताहिक बाजार

एनटीएजीआई की हालिया बैठक के बाद आए ये सुझाव टीकाकरण को देखने वाले कोविड-19 संबंधी राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह को भेजे जाएंगे. पैनल ने कोविड टीकाकरण से पहले टीका लगवाने आए लोगों की नियमित रैपिड एंटीजन जांच करवाने का प्रस्ताव ठुकरा दिया है. Also Read - COVID19 Cases Updates: देश में 70 दिन बाद आज सबसे कम आए कोरोना के नए केस, मौतें 4000 से ज्‍यादा

बता दें अभी कोविशील्ड की दो खुराकों के बीच का अंतराल 4 से 8हफ्ते हैं. यह अनुशंसा ऐसे समय में की गई है जब कई राज्यों ने टीकों की कमी की बात कही है.

आधिकारिक सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी है. समूह ने कहा है कि गर्भवती महिलाओं को कोविड-19 का कोई भी टीका लगवाने का विकल्प दिया जा सकता है और स्तनपान करवाने वाली महिलाएं बच्चे को जन्म देने के बाद किसी भी समय टीका लगवा सकती हैं.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वर्तमान प्रोटोकॉल के मुताबिक कोविड-19 से उबरने के बाद 4 से 8 हफ्ते बाद टीका लगवाना चाहिए. इसमें कहा गया है कि गर्भवती एवं स्तनपान करवाने महिलाओं को टीका नहीं लगवाना चाहिए.

घरेलू स्तर पर टीकों की आपूर्ति की कमी और बढ़ती मांग के बीच दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना समेत कई राज्यों ने कोरोना वायरस रोधी टीकों की खरीद के लिए वैश्विक निविदा आमंत्रित करने का फैसला किया है.

सूत्रों ने बताया कि एनटीएजीआई ने यह भी कहा है कि जो लोग कोविड-19 से पीड़ित रह चुके हैं और जांच में उनके सार्स-सीओवी-2 से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है, उन लोगों को स्वस्थ होने के बाद छह महीने तक टीकाकरण नहीं करवाना चाहिए. एनटीएजीआई ने कहा है कि स्तनपान करवाने वाली सभी महिलाएं बच्चे के जन्म के बाद कभी भी टीका लगवा सकती हैं.

वर्तमान के टीकाकरण प्रोटोकॉल में कहा गया है कि चूंकि अभी तक के क्लिनिकल ट्रायल में गर्भवती और स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को शामिल नहीं किया गया है अत: उन्हें टीका नहीं लगाया जाना चाहिए. ऐसे लोग जिन्हें टीके की पहली खुराक लग चुकी है और दूसरी खुराक लगने से पहले यदि वे संक्रमित हो जाते हैं तो उन्हें ठीक होने के बाद अगली खुराक लगवाने से पहले चार से आठ हफ्ते इंतजार करना चाहिए.