गुवाहाटी: असम के नागांव जिले के एक घर में घरेलू नौकरानी के रूप में काम करने वाली एक किशोरी को जिंदा जला दिया गया. पुलिस ने इस अपराध के आरोप में एक व्यक्ति और उसके बेटे को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी. जिंदा जलाई गई 12 साल की आदिवासी लड़की पास के कार्बी आंगलोंग जिले की रहने वाली थी. उसके मालिक ने गुरुवार को कथित रूप से उसे जिंदा जला दिया, क्योंकि वह गर्भवती हो गई थी.Also Read - Assam Flood: सात लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित, जून तक इन ट्रेनों को किया गया रद्द

गुवाहाटी पुलिस के अनुसार, नागांव जिले के राहा स्टेशन से पुलिस ने शुक्रवार को स्थानीय निवासियों की शिकायतों पर 70 वर्षीय प्रकाश बोरठाकुर और उनके 25 वर्षीय बेटे नयनमणि बोरठाकुर को इस सिलसिले में गिरफ्तार किया. Also Read - असम में बाढ़ ने बढ़ाईं मुश्किलें, 32 जिलों के 8.39 लाख लोग प्रभावित, अब तक 18 की गई जान

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि आरोपी ने दावा किया कि लड़की ने आत्महत्या की है, लेकिन प्रारंभिक जांच में पाया गया कि लड़की की हत्या की गई थी. लड़की के अधजले शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. Also Read - असम, अरुणाचल के बीच सीमा विवाद अगले साल तक सुलझा लिया जाएगा: अमित शाह

लड़की खैहरा गांव में पांच साल से बोरठाकुर परिवार के बीच घरेलू नौकरानी के रूप में काम कर रही थी और उसे पड़ोसी कार्बी आंगलोंग जिले में अपने घर जाने की अनुमति नहीं थी.

असम स्टेट कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स ने एक बयान में कहा कि पड़ोसियों के अनुसार, लड़की का बोरठाकुर परिवार द्वारा नियमित रूप से शारीरिक और मानसिक शोषण किया गया था और वह गर्भवती हो गई थी.

कमीशन ने नागांव जिले की पुलिस और जिला प्रशासन को मामले की तेजी से जांच करने और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण, बाल और किशोर श्रम (निषेध और विनियमन) अधिनियम की संबंधित धाराओं में किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धाराओं को शामिल कर चार्जशीट तैयार करने का निर्देश दिया है.