India-China Corps Commander level talks, News: भारत और चीन (India-China) के बीच साढ़े तीन महीने से अधिक समय के अंतराल के बाद आज शनिवार को सुबह 10:30 बजे 12वें दौर की स्तरीय सैन्य वार्ता (12th round Corps Commander level talks)शुरू हुई, जिसमें पूर्वी लद्दाख ( East Ladakh) में टकराव वाले शेष स्थानों से सैनिकों को पीछे हटाने की (troops disengagement ) प्रक्रिया पर चर्चा की जा रही है. भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल पीजीके मेनन कर रहे हैं, जो लेह स्थित 14 वीं कोर के कमांडर हैं. भारत का इरादा कोर कमांडरों की 12 वें दौर की वार्ता में हॉट स्प्रिंग्स और गोगरा में सैनिकों को हटाने के संदर्भ में एक सार्थक परिणाम तक ले जाने का है.Also Read - Vaccine Maitri: अगले महीने से अतिरिक्त कोविड-19 टीके का निर्यात बहाल करेगा भारत, स्वास्थ्य मंत्री बोले- सरकार की प्राथमिकता देश के लोग

इंडियन आर्मी के सूत्रों ने बताया कि भारत और चीन के बीच कोर कमांडर स्तर की वार्ता का 12वां दौर आज सुबह 10:30 बजे वास्तविक नियंत्रण रेखा के चीनी पक्ष के मोल्‍दो में शुरू हुआ. भारत और चीन गोगरा हाइट्स और हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र सहित तनाव वाले प्‍वाइंट्स से सैनिकों की वापसी पर चर्चा कर रहे हैं. Also Read - मेरे अलावा किसी को विश्वास नहीं था कि जसप्रीत बुमराह टेस्ट क्रिकेट खेल सकता है: रवि शास्त्री

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बता दें 11वें दौर की वार्ता नौ अप्रैल को एलएसी से भारतीय सीमा की ओर चुशुल सीमा बिंदु पर हुई थी और यह करीब 13 घंटे चली थी.

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीन को दो टूक बात कही थी
विदेश मंत्री एस जयशंकर द्वारा अपने चीनी समकक्ष वांग यी को इस बात से दो टूक अवगत करा देने के करीब दो हफ्ते बाद बारहवें दौर की वार्ता हो रही है कि पूर्वी लद्दाख में मौजूदा स्थिति के लंबा खींचने का प्रभाव द्विपक्षीय संबंधों पर नकारात्मक रूप से पड़ता नजर आ रहा है.

14 जुलाई को शंघाई सहयोग संगठन की बैठक से अलग द्विपक्षीय बैठक की थी
दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में 14 जुलाई को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की एक बैठक से अलग एक घंटे की द्विपक्षीय बैठक की थी. इस बैठक में जयशंकर ने वांग से कहा था कि एलएसी पर यथास्थिति में कोई भी एकतरफा बदलाव भारत को स्वीकार्य नहीं होगा और पूर्वी लद्दाख में शांति एवं स्थिरता पूरी तरह से बहाल होने के बाद ही पूर्ण संबंध विकसित हो सकते हैं.

हॉट स्प्रिंग्स, गोगरा और देपसांग में सैनिकों को हटाने की प्रक्रिया में चीन ने कुछ नहीं किया
पिछले दौर की सैन्य वार्ता में दोनों पक्षों ने क्षेत्र में तनाव घटाने के बड़े लक्ष्य के साथ हॉट स्प्रिंग्स, गोगरा और देपसांग में सैनिकों को हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की थी. हालांकि, सैनिकों को हटाने की प्रक्रिया में चीन की ओर से कोई गतिविधि नहीं की गई.

पिछले साल से गतिरोध जारी, एलएसी पर दोनों देशों के 50,000 से 60,000 सैनिक हैं
पिछले साल मई के बाद से पूर्वी लद्दाख में टकराव वाले कई स्थानों पर दोनों देशों के बीच सैन्य गतिरोध बना हुआ है. दोनों पक्षों ने सिलसिलेवार सैन्य एवं कूटनीतिक वार्ता के बाद पैंगोंग झील के उत्तर और दक्षिणी किनारों से सैनिकों और हथियारों को हटाने की प्रक्रिया फरवरी में पूरी कर ली. भारत इस बात पर जोर देता आ रहा है कि दोनों देशों के बीच संपूर्ण संबंधों के लिए देपसांग, हॉट स्प्रिंग्स और गोगरा में सैनिकों को हटाने सहित अन्य लंबित मुद्दों का समाधान आवश्यक है. दोनों देशों के इस समय एलएसी पर संवेदनशील क्षेत्र में 50,000 से 60,000 सैनिक हैं.