नई दिल्ली: कुपोषण की समस्या पर अंकुश लगाने के लिए शुरू किए गए पोषण अभियान के तहत आने वाले समय में देश की सभी 14 लाख आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को विशेष सॉफ्टवेयर दिया जाएगा ताकि कुपोषण के खिलाफ किए जा रहे प्रयासों के लक्षित परिणाम मिल सकें. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि पोषण अभियान के तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और महिला पर्यवेक्षकों को स्मार्टफोन मुहैया कराया जा रहा है. Also Read - UPSC सिविल परीक्षा में जेनेरल कैटेगरी के लिए उम्र सीमा 32 से 26 की जाएगी, जानिए हकीकत

पोषण अभियान से संबंधित डेटा को सुरक्षित रखने के लिए सॉफ्टवेयर तैयार
इसके साथ ही कॉमन एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (आईसीडीएस-सीएएस) तैयार किया गया है जिसका मकसद पोषण अभियान से संबंधित डेटा को सुरक्षित रखना, तय सेवाओं की समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करना और जरूरत वाले स्थानों पर त्वरित हस्तक्षेप सुनिश्चित करना है. विश्व में सबसे बड़ा ई-पोषण और स्वास्थ्य कार्यक्रम उन्होंने कहा कि इसकी मदद से सेक्टर, ब्लॉक, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर के निगरानी कर्मचारियों तक भी डेटा की समयबद्ध पहुंच सुनिश्चित होगी. Also Read - बिहार: CM योगी बोले- PM मोदी ने राम मंदिर की नींव रखी, राहुल गांधी पाकिस्तान की तारीफ़ करते हैं

विश्व का सबसे बड़ा ई-पोषण और स्वास्थ्य कार्यक्रम
सचिव राकेश श्रीवास्तव ने कहा कि इस सॉफ्टवेयर का मकसद सेवा आपूर्ति में व्यवस्था को मजबूत करना और प्रभावी निगरानी के जरिए पोषण के परिणाम में सुधार पर नजर रखना है. उन्होंने कहा कि यह विश्व में सबसे बड़ा ई-पोषण और स्वास्थ्य कार्यक्रम है. 10 लाख लाभार्थी सीधे तौर पर प्रभावित होंगे. वर्ष 2020 तक इस एप्लीकेशन को 14 लाख आंगनबाड़ी केन्द्रों में शुरू कर दिया जाएगा और इससे 10 लाख लाभार्थी सीधे तौर पर प्रभावित होंगे. सचिव ने कहा कि पोषण अभियान में देश के सभी राज्य सहयोग कर रहे हैं और आगामी जनवरी तक इसे पूरे देश में लागू कर दिया जाएगा.गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ मार्च, 2018 को राजस्थान के झुंझनू से पोषण अभियान की शुरुआत की थी. Also Read - दुर्गा अवतार लिए गुस्से में नज़र आईं मोनालिसा को यूजर्स ने किया ट्रोल, बोले- भूल गई कि तुम 'डायन' हो