oxygen crisis in delhi ऑक्सीजन सप्लाई को लेकर दिल्ली और हरियाणा का विवाद सुलझा गया है. खुद हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इसको लेकर जानकारी दी है. उन्होंने कहा है कि हरियाणा ने दिल्ली को 140 मैट्रिक टन ऑक्सीजन आवंटिक की है. खट्टर का ये बयान ऐसे समय में आया है जब दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने उनसे फोन पर बात की थी.Also Read - हरियाणा में शहरी निकाय चुनावों की घोषणा, 19 जून को होगी वोटिंग, 22 को आएंगे नतीजे

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा, “हरियाणा के पानीपत में 260 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन होता है. जिसमें से हमने दिल्ली को 140 मैट्रिक टन ऑक्सीजन आवंटित की है. अरविंद केजरीवाल ने आज मुझे फोन किया और मामला सुलझा लिया गया.” Also Read - TRAVEL: बारिश के मौसम में जरूर घूमिये दिल्ली की ये 5 जगहें, मौज-मस्ती में नहीं आएगी कोई कमी

इससे पहले केजरीवाल ने भी कहा था कि उन्होंने हरियाणा सीएम के साथ बात कर मामले को सुलझा लिया है. केजरीवाल ने कहा, “मैंने हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी से बात की. हरियाणा से दिल्ली तक ऑक्सीजन ट्रकों के परिवहन की सुविधा के लिए उनका समर्थन मांगा. उन्होंने पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया है.” Also Read - Delhi: महिला को जलाने के बाद बयान न देने के लिए दबाव बना रहा था पति, DCW चीफ स्वाति मालिवाल ने जड़ा थप्पड़

बता दें कि दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन का कोटा 378 टन से 480 टन बढ़ाया गया है. हालांकि दिल्ली सरकार का कहना है कि दिल्ली को अभी और ऑक्सीजन की जरूरत है. दिल्ली सरकार के मुताबिक ऑक्सीजन के इस कोटे में 220 मीट्रिक टन की और वृद्धि किए जाने की आवश्यकता है. सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार हर राज्य को ऑक्सीजन का कोटा तय करती है.

देशभर में जितनी भी ऑक्सीजन बनती है, केंद्र सरकार तय करती है कि किस राज्य को कितनी ऑक्सीजन मिलेगी. मौजूदा हालात में दिल्ली को कितनी ऑक्सीजन चाहिए, इसका दिल्ली सरकार ने अपना एक आंकलन लगाया है. इस आंकलन के हिसाब से दिल्ली को रोजाना 700 टन ऑक्सीजन की जरूरत है.