नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी के कई हिस्सों में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ सोमवार को छात्रों और कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन के बाद 140 लोगों को हिरासत में ले लिया गया. पुलिस भी क्रिसमस और नववर्ष के मद्देनजर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ी नजर रख रही है. उत्तरप्रदेश भवन, राजघाट, इंडिया गेट, जामिया मिल्लिया इस्लामिया और असम भवन के बाहर प्रदर्शन हुआ. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तथा राहुल गांधी समेत पार्टी के शीर्ष नेताओं ने ‘देश की एकता के लिए सत्याग्रह’ में भाग लिया और संविधान की रक्षा करने का संकल्प लिया.

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट पर कांग्रेस के सत्याग्रह की शुरुआत वंदे मातरम से हुई और फिर सोनिया, मनमोहन और राहुल गांधी ने अंग्रेजी भाषा में संविधान की प्रस्तावना पढ़ी. बाद में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने हिंदी और कई अन्य नेताओं ने देश की अलग अलग भाषाओं में संविधान की प्रस्तावना पढ़ी. इससे पहले दिन में, जेएनयू, डीयू और अन्य विश्वविद्यालयों के छात्रों ने उत्तरप्रदेश भवन के बाहर प्रदर्शन करने की कोशिश की लेकिन उन्हें हिरासत में ले लिया गया.

उत्तर प्रदेश भवन के बाहर कम से कम 46 छात्रों को प्रदर्शन से पहले हिरासत में ले लिया गया. ये सभी संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में उत्तर प्रदेश में हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन के लिए यहां जुटे थे. प्रारंभ में जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष एन साई बालाजी और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स असोसिएशन (आइसा) की दिल्ली इकाई की अध्यक्ष कवंलप्रीत कौर के वहां पहुंचने पर उन्हें हिरासत में लिया गया.

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के बाहर सोमवार को आठवें दिन भी प्रदर्शन हुआ. सैकड़ों लोग प्रदर्शन के लिए विश्वविद्यालय के सामने इकट्ठा हुए. सोमवार के प्रदर्शन में नूरनगर, बटला हाउस और ओखला के कई स्कूलों के भी छात्र शामिल हुए. शाम में जामिया के अध्यापकों और शोधार्थियों ने इंडिया गेट पर कैंडल मार्च निकालकर नागरिकता कानून में संशोधन को वापस लेने की मांग की. देश भर में एनआरसी लागू कराने पर अभी कोई चर्चा नहीं होने संबंधी प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर अध्यापकों के संगठन के सचिव माजिद जमील ने कहा, ‘‘गृह मंत्री संसद में साफ कह चुके हैं अब यह सीएए है और अगला एनआरसी होगा. हमें विश्वास है कि यह होगा.’’

न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, सीलमपुर, दरियागंज और जामिया में कानून के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन के बाद राष्ट्रीय राजधानी में कुछ दिनों से लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं. ऐसे में हिंसक प्रदर्शन रोकने के लिए पुलिस भी कड़ी चौकसी बरत रही है. एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘क्रिसमस और नववर्ष के मद्देनजर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ी निगरानी कर रहे हैं. पुलिस द्वारा चिन्हित संवेदनशील इलाके में पुलिस की भारी तैनाती जारी रहेगी.’’ उन्होंने कहा कि शांति बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी लगातार हिंसा प्रभावित इलाके में स्थानीय लोगों के साथ बैठकें कर रहे हैं.

सीलमपुर और जाफराबाद सहित उत्तरपूर्वी दिल्ली के दो थाना क्षेत्र में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा एक महीने के लिए लागू है. नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान सोमवार को असम भवन के बाहर 52 महिलाओं सहित 93 छात्रों को हिरासत में लिया गया. छात्र आरटीआई कार्यकर्ता अखिल गोगोई को रिहा करने की मांग कर रहे थे.

पुलिस ने बताया कि हिरासत में लिए गए छात्रों को मंदिर मार्ग थाना ले जाया गया. प्रदर्शन के कारण कई मुख्य सड़कों पर यातायात भी बाधित हुआ. दिल्ली गेट, दरियागंज, राजघाट, माता मंदिर मार्ग और जामिया नगर इलाके में यातायात पर असर पड़ा.

(इनपुट भाषा)