Farmers Protest 14th day : कृषि कानून के विरोध में पिछले 14 दिनों से आंदोलन कर रहे किसान कृषि बिल को रद करने की मांग पर अड़े हुए हैं तो वहीं सरकार ने कहा है कि कृषि बिल रद नहीं किया जाएगा. वहीं, बुधवार दोपहर सिंघु बॉर्डर पर किसान संगठनों की एक अहम बैठक आयोजित की गई है, जिसमें कुछ बड़े फैसले लिए जा सकते हैं. भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के प्रवक्ता राकेश टिकैत का कहना है कि हम केंद्र द्वारा भेजे गए मसौदे पर एक बैठक करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे. Also Read - Farmers Protest LIVE Update: केंद्र सरकार-किसानों की आज अहम बातचीत, क्या मान जाएंगे अन्नदाता

आंदोलन में शामिल एक किसान की मौत Also Read - Farmers Protest के बीच आज पीएम मोदी ने की Man Ki Baat, ताली-थाली बजा किसानों ने किया विरोध

सिंघू बार्डर पर धरने पर बैठे एक किसान की मौत हो गई है. मृतक का नाम अजय मोर था. मिली जानकारी के अनुसार, 32 वर्षीय अजय की ठंड लगने से मौत (hypothermia) हुई है. अजय का शव ट्रैक्टर ट्रॉली से मिला है. बताया जा रहा है कि आंदोलन के दौरान अजय इसी ट्रॉली में सोए थे. Also Read - Farmers Protest LIVE Updates: आज एक ही वक्त खाना खाएंगे किसान, किया हवन, देखें VIDEO

जानकारी के मुताबिक किसान आंदोलन में शामिल अजय मोर सोनीपत के गोहना के रहने वाले थे. वह पिछले 10 दिन से अपने गांव वालों के साथ सिंघू बार्डर पर धरने पर बैठे थे. अजय के परिवार में तीन बच्चे, पत्नी और बुजुर्ग मां-बाप हैं. अजय मोर अपने गांव में किसानी करते थे. उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया.

किसानों ने सरकार के साथ आज की वार्ता से किया था इनकार 

किसान नेताओं ने कहा कि सरकार के लिखित प्रस्ताव पर विचार-विमर्श के बाद ही अगले कदम पर निर्णय लिया जाएगा. मीटिंग से बाहर आकर अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हनन मुला ने कहा कि सरकार कृषि कानून वापस लेने को तैयार नहीं है. ऐसे में बुधवार को विज्ञान भवन में सरकार और किसानों के बीच कोई बैठक नहीं होगी.

उन्होंने कहा अमित शाह ने बुधवार को किसान नेताओं को एक प्रस्ताव देने की बात कही है. किसान प्रस्ताव पर विचार विमर्श करने के लिए दोपहर 12 बजे सिंघु बॉर्डर (दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर) पर एक बैठक करेंगे.

अमित शाह के साथ हुई बातचीत के बाद किसानों ने कही ये बात..
मंगलवार करीब आधी रात को समाप्त हुई बैठक के बाद अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह ने कहा,  शाह जी ने कहा कि सरकार जिन संशोधनों के पक्ष में हैं उन्हें कल लिखित में देगी. हम लिखित संशोधनों को लेकर सभी 40 किसान यूनियनों से चर्चा करने के बाद बैठक में शामिल होने के बारे में फैसला लेंगे.