नई दिल्ली . प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने बुधवार को अपने फैसले में कहा कि सर्वश्रेष्ठ होने के मुकाबले अनोखा होना बेहतर है. न्यायमूर्ति ए के सीकरी ने प्रधान न्यायाधीश, न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर और अपनी ओर से फैसला सुनाते हुये कहा कि आधार के खिलाफ याचिकाकर्ताओं के आरोप संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन पर आधारित हैं, जिनके कारण राष्ट्र शासकीय निगरानी वाले राज्य में बदल जायेगा. आइए जानते हैं आधार पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की 15 बड़ी बातें…

1. आधार आम नागरिक की पहचान है. इस पर हमला संविधान के खिलाफ है.

2. पीठ ने कहा कि आधार समाज के वंचित तबके को सशक्त बनाता है और उन्हें पहचान देता है.

3. न्यायमूर्ति सीकरी ने फैसले में कहा, डुप्लीकेट आधार कार्ड प्राप्त करने की कोई संभावना नहीं है.

4. न्यायमूर्ति सीकरी ने कहा कि आधार योजना के सत्यापन के लिए पर्याप्त रक्षा प्रणाली है. जितनी जल्दी संभव हो आंकड़ों की सुरक्षा के लिए मजबूत तंत्र बनाया जाए.

5. पीठ ने निजी कंपनियों को आधार के आंकड़े एकत्र करने की अनुमति देने वाले आधार कानून के प्रावधान 57 को रद्द कर दिया है.

6. निजी कंपनियां आधार नहीं मांग सकतीं.

7. आयकर रिटर्न में आधार जरूरी.

8. मोबाइल सिम खरीदने के लिए आधार जरूरी नहीं है.

9. पैन कार्ड के लिए आधार जरूरी.

10. UGC, NEET, CBSE और स्कूल की परीक्षाओं के लिए आधार जरूरी बना रहेगा.

11. किसी भी एजेंसी के साथ बायोमीट्रिक डाटा शेयर करने से पहले कोर्ट की अनुमति जरूरी होगी.

12. देश में अवैध तरीके से घुसने वाले आधार कार्ड न ले सकें, इसके इंतजाम करे सरकार.

13. डाटा की सुरक्षा के लिए कड़े बंदोबस्त करने का कानून जल्द से जल्द लाए केंद्र सरकार.

14. आधार 6 से 14 साल के बच्चों के लिए जरूरी नहीं है.

15. बैंक अकाउंट खोलने के लिए आधार की अनिवार्यता नहीं है.