रांची: झारखंड के खूंटी जिले में 15 वर्षीय एक नाबालिग लड़की के साथ तीस बार से अधिक सामूहिक दुष्कर्म का बड़ा मामला सामने आया है. 10-12 लड़कों ने तीन महीने में 25-30 बार दुष्कर्म किया. 24 फरवरी को जिला विधिक सेवा प्राधिकार की पारा लीगल वलेंटियर खुशबू खातून ने पीड़िता को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सामने पेश किया, जिसके बाद यह मामला प्रकाश में आया. इस मामले को सीएम हेमंत सोरेन ने संज्ञान ले लिया है. इस मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खूंटी जिला प्रशासन को पीड़िता का काउंसलिंग कराने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश भी दिए हैं. Also Read - लेह से रांची पहुंचे 60 प्रवासी मजदूर, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने हवाई अड्डे पर किया स्वागत

खूंटी के चाइल्ड वेलफेयर कमिटी (सीडबल्यूसी) दिए बयान के मुताबिक, घटना की तारीख उसे याद नहीं है. पीड़िता जब खूंटी बाजार गई थी, तभी बगडू के रहने वाले बजरंग नाम के लड़के से बातचीत हुई और फिर दोनों में दोस्ती हो गई. उसके साथ उसका मित्र सूरज भी था. बातचीत के बाद दोनों उसे बाइक पर बिठाकर सिंबुकेल गांव लेकर गए और दोनों ने हड़िया (एक प्रकार का नशीला पेय पदार्थ) पी और उसका मोबाइल ले लिया. बाद में उसे बाजार लाकर छोड़ दिया. Also Read - झारखंड में सुरक्षाबलों ने मार गिराए तीन नक्‍सली, AK-47 समेत भारी मात्रा में मिले हथियार

आरोप है कि जब भी पीड़िता बजरंग को फोनकर अपना मोबाइल वापस मांगती, तो वह उसे बुलाकर किसी सुनसान जगह पर ले जाता और दुष्कर्म करता. हर बार उसके साथ कई और लड़के रहते थे. विरोध करने पर वे जान से मारने की धमकी देते थे. यह सिलसिला तीन महीने तक चलता रहा. Also Read - Migrant workers Flight: फ्लाइट से रांची पहुंचे 180 प्रवासी मजदूर, पहली बार प्लेन में बैठने की दिखी खुशी, सरकार को कहा धन्यवाद

खशबू की मदद से पीड़िता को आश्रय गृह ‘सहयोग विलेज’ में रखा गया है. इधर, इस मामले के प्रकाश में आने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को ट्वीट कर पारा लीगल वलेंटियर खुशबू को धन्यवाद देते हुए लिखा, “इस बेटी की मदद करने के लिए धन्यवाद खुशबू जी. उपायुक्त, खूंटी उचित कार्रवाई कर बिटिया को मेडिकल, काउंसलिंग तथा न्यायिक मदद पहुंचवाकर सूचित करें. खूंटी पुलिस कठोर कार्रवाई के लिए बचे हुए आरोपियों की शीघ्र धरपकड़ कर सूचित करें.”

इधर, खूंटी जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री के ट्वीट के जवाब में ट्वीट कर लिखा, “मेडिकल और कउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के द्वारा भी इस केस को ‘स्पीडी ट्रायल’ के अंतर्गत सुना जाएगा. साथ ही साथ, ‘विक्टिम कंपनसेशन’ के तहत लाभ पहुंचाने की भी कार्यवाही शुरू कर दी गई है.”

इस बीच, खूंटी के पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने बताया कि एक मार्च को छह आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली गई है तथा अन्य को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी चल रही है. उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि एक से दो दिन में वह भी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे. उन्होंने कहा कि पीड़िता की चिकित्सकीय जांच कराया गया है. खूंटी सीडबल्यूसी के सदस्य बैजनाथ कुमार ने बताया कि पीड़िता आगे पढ़ने की इच्छा जताई है. इसे जल्द ही स्कूल में दाखिला करवाया जाएगा और पूरी व्यवस्था कराई जाएगी.

उल्लेखनीय है कि इन दिनों सोरेन ने ट्विटर को शासन करने का साधन बना दिया है. 29 दिसंबर को मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद से उन्होंने अधिकारियों को सतर्क रखते हुए शासन से संबंधित कई ट्वीट किए हैं. लोग अब मुख्यमंत्री के ट्विटर हैंडल नियमित रूप से शिकायतों को आगे बढ़ाने के लिए टैग कर रहे हैं. इसकी चर्चा भी खूब हो रही है.