नई दिल्ली: सरकार ने सोमवार को बताया कि बीते पांच साल के दौरान सैन्य बलों में कथित मानवाधिकार उल्लंघन की 151 शिकायतें मिलीं. रक्षा राज्य मंत्री श्रीपाद नाइक ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि 2015 में सैन्य बलों में कथित मानवाधिकार उल्लंघन की 29 शिकायतें मिलीं. 2016 में ऐसी शिकायतों की संख्या 25, 2017 में 29, 2018 में 42 और 2019 में 26 थी.

नाइक ने बताया कि 2016 और 2017 में, कथित मानवाधिकार उल्लंघनों की एक एक शिकायत ही सही पाई गई. रक्षा राज्य मंत्री ने हालांकि इस बात से इंकार किया कि सैन्य बलों में मानवाधिकार हनन के मामले बढ़ रहे हैं.

उन्होंने बताया कि 2018 में सैन्य बलों में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों की 42 शिकायतें मिलीं. जांच करने पर पता चला कि करीब 50 फीसदी आरोप छावनी सड़क बंद करने, चोट पहुंचाने, घरों को नुकसान पहुंचाने, उत्पीड़न के खिलाफ शिकायतें और सेवारत सैन्य कर्मियों या पूर्व कर्मियों अथवा नागरिकों द्वारा दर्ज विविध मुद्दों जैसे प्रशासनिक प्रकृति के थे.

नाइक के अनुसार, वर्ष 2015-19 के दौरान नौसेना तथा वायुसेना से मानवाधिकार उल्लंघन के किसी मामले की खबर नहीं है.