Girl Poisons 4 Family Members to Death: छोटी-छोटी सी बातें, परिवार में किसी व्यक्ति को कभी नजरअंदाज करना, कभी किसी की अंजाने में बेइज्जती करना और कभी अंजाने में कुछ कह देने से उस व्यक्ति पर क्या गुजरती होगी, यह तो वही व्यक्ति जानता है. कई बार तवज्जो न मिलना भी बड़ा कदम उठाने की बड़ी वजह बन जाता है. इसलिए परिवार में सभी को बराबर सम्मान मिलना चाहिए. खासतौर पर बच्चों को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्या पता वह इसे किस तरह से देखते हैं.Also Read - Omicron In India: चार दिन-5 राज्य-21 मरीज, वैक्सीनेटेड भी ओमिक्रॉन पॉजिटिव, ये लक्षण आए हैं सामने..

कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में ‘भेदभाव’ से खफा 17 वर्षीय एक लड़की ने परिवार के चार सदस्यों को कथित तौर पर जहर देकर मार डाला है. पुलिस ने यह जानकारी दी. जिले के इसामुद्रा गांव में लंबानिहट्टी में यह घटना जुलाई में हुई और अब मामला प्रकाश में आया है. मृतकों में लड़की के पिता, मां, दादी और बहन हैं. जबकि उसका 19 साल का भाई जहर से बीमार पड़ गया. Also Read - Jawahar Navodaya Vidyalaya: नवोदय विद्यालय के 59 छात्र समेत 69 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित

पुलिस सूत्रों के अनुसार, 12 जुलाई को उन्होंने (परिवार) रात के भोजन में किशोरी द्वारा बनाए गए ‘रागी मुद्दे’ (रागी के गोले) खाए. पुलिस के अनुसार इनमें कीटनाशक मिला हुआ था, जिससे सभी को उल्टियां आने लगी और उनमें से चार की मौत हो गई. पुलिस सूत्रों ने बताया कि किशोरी ने रात के भोजन में बहन द्वारा तैयार चावल और रसम खाया था. Also Read - 'ओमिक्रॉन की वैक्सीन' लगाने के बहाने घर में घुसे लुटेरे, दिनदहाड़े लूट की घटना को दिया अंजाम

खाद्य सामग्रियों और बर्तनों को जांच के लिए फोरेंसिक प्रयोगशाला भेजा गया था और जांच के बाद रागी के गोले में कीटनाशक मिले होने की पुष्टि हुई थी. पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान उन्हें पता चला कि आरोपी अपने ननिहाल में पली-बढ़ी थी और तीन साल पहले ही अपने माता-पिता के घर आई थी. उसकी शिकायत थी कि माता-पिता उसके और भाई-बहनों के बीच ‘भेदभाव’ करते हैं.

वह इस बात को लेकर परेशान थी कि ‘उसके साथ अच्छा व्यवहार नहीं हो रहा और उसके भाई-बहन को ज्यादा स्नेह दिया जा रहा है.’ अधिकारियों ने बताया कि इस वजह से उसने परिवार को जहर देने का फैसला किया. परिवार के सदस्यों को जहर देने की कोशिश वह पहले भी कर चुकी थी, लेकिन उसमें वह सफल नहीं हो पाई. नाबालिग होने की वजह से आरोपी को लड़कियों के रिमांड होम भेज दिया गया. (इनपुट – पीटीआई)