नई दिल्ली: आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत फर्जीवाड़ा करने के आरोप में 171 अस्पतालों को पैनल से बाहर कर दिया गया है तथा अस्पतालों पर 4.5 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. उसने यह भी बताया कि उत्तराखंड और झारखंड के छह अस्पतालों के खिलाफ प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं. इसने एक बयान में कहा, ‘‘171 अस्पतालों को पहले ही पैनल से बहार किया जा चुका है. कदाचार में शामिल अस्पतालों पर 4.5 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है.’’ Also Read - कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में टीकाकरण सबसे बड़ा हथियार: पीएम मोदी

क्या है आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना ? Also Read - पश्चिम बंगाल में अब 'छोटी रैली' करेंगे पीएम मोदी सहित BJP के सभी बड़े नेता, सभा में आ सकेंगे केवल 500 लोग

आयुष्मान भारत-राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना, 10 करोड़ गरीब और कमजोर परिवारों (लगभग 50 करोड़ लाभार्थियों) को कवर करती है. वह हर परिवार के लिए, प्रति वर्ष 5 लाख रुपये के मुल्य के लिए माध्यमिक और तृतीयक स्थर पर अस्पताल मे देखभाल के लिये कवरेज प्रदान करती है.योजना के लाभ पूरे देश में कहीं भी लागू करे जा सकते है, और इस योजना के अंतर्गत आने वाले लाभार्थी को देश भर के किसी भी सार्वजनिक या निजी अन्तर्गत अस्पताल से कैशलेस (बिना पैसे दिये) लाभ लेने की अनुमति है. यह लगभग 10.74 करोड़ गरीब, वंचित ग्रामीण परिवारों और विस्तृत शहरी कर्मचारियों के परिवारों को लक्षित करता है. Also Read - Covid-19 पर सियासी जंग: केंद्रीय मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने पूर्व पीएम मनमोहन पर किया पलटवार, पत्र ट्वीट कर कसा ये तंज

 

इनपुट- भाषा