नई दिल्ली. सत्रहवीं लोकसभा (17th Lok Sabha) का पहला सत्र सोमवार से शुरू होगा, जिसमें केंद्रीय बजट पारित किया जाएगा और तीन तलाक जैसे अन्य महत्वपूर्ण विधेयक इसमें सरकार के एजेंडे में प्रमुख रहेंगे. भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में बनी दूसरी सरकार के लिए लोकसभा का यह सत्र काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें कई प्रमुख एजेंडों पर चर्चा होनी है. साथ ही सरकार की यह कोशिश भी है कि तीन तलाक जैसे मुद्दे पर विपक्ष एकजुट होकर उसका साथ दे. बहरहाल, लोकसभा के पहले सत्र के शुरू होने से पहले रविवार को पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने सभी दलों के साथ बैठक की. सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए पीएम मोदी ने सभी राजनीतिक पार्टियों के प्रमुख नेताओं को 19 जून को ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के मुद्दे पर तथा अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया.

लोकसभा के पहले सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि लोकसभा में इस बार कई नए चेहरे दिखेंगे. इसलिए संसद के निचले सदन का पहला सत्र नए उत्साह और सोच के साथ शुरू होना चाहिए. सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस ने सरकार के साथ बेरोजगारी, किसानों की समस्या, सूखा और प्रेस की आजादी जैसे विषय उठाए. विपक्षी दल ने जम्मू कश्मीर में जल्द विधानसभा चुनाव कराने की मांग की. इधर, भाजपा ने भी रविवार को संसदीय दल की बैठक की. इसके माध्यम से प्रधानमंत्री ने सभी भारतीयों को आश्वासन दिया कि उनकी सरकार ऐसे विधेयकों को लाने में अग्रणी रहेगी जो ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ की भावना को परिलक्षित करें.

लोकसभा के प्रथम सत्र से एक दिन पहले राजग की बैठक भी यहां हुई. 26 जुलाई को समाप्त होने वाले सत्र में 30 बैठकें होंगी. पहले दो दिन लोकसभा के सभी सांसदों को शपथ दिलाई जाएगी. कार्यवाहक लोकसभा अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार शपथ दिलाएंगे. लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव 19 जून को होगा और अगले दिन दोनों सदनों के संयुक्त सत्र की बैठक में राष्ट्रपति का अभिभाषण होगा. बजट 5 जुलाई को पेश किया जाएगा.

(इनपुट – एजेंसी)