नई दिल्ली। दिल्ली में रोजाना औसतन 18 बच्चे लापता होते हैं. एक गैर सरकारी संगठन ने दिल्ली पुलिस से हासिल आंकड़ों के आधार पर यह जानकारी दी है. बाल अधिकार संस्था ‘चाइल्ड राईट्स एण्ड यू (cry)’ ने दिल्ली पुलिस के हवाले से आज यह जानकारी दी.

क्राई और अलायन्स फॉर पीपल्स राइट (एपीआर) की ओर से मंगलवार को लापता बच्चों के संदर्भ में परामर्श बैठक का आयोजन किया गया जिसमें राष्ट्रीय राजधानी में लापता बच्चों के आंकड़ों पर चर्चा हुई.

संगठन के मुताबिक दिल्ली पुलिस से मिले आंकड़ों की बात करें तो 2017 में दिल्ली में रोज़ाना औसतन 18 बच्चे लापता हुए. इस तरह पूरे साल में कुल 6450 बच्चे (3915 लड़कियां और 2535 लड़के) लापता हुए. ऐसे में दिल्ली उन शहरों की सूची में सबसे उपर है जहां हर साल बड़ी संख्या में बच्चे लापता हो रहे हैं.

नोएडा पुलिस ने चलाया था अभियान

सिर्फ दिल्ली ही नहीं गौतम बुद्धनगर में भी बड़ी संख्य में बच्चे लापता होते हैं. इसी साल जुलाई में पुलिस ने लापता बच्चों की तलाश के लिए चलाए गए ऑपरेशन मुस्कान के दौरान 81 बच्चों को बरामद किया था. इस दौरान कुल 45 लड़के और 36 लड़कियां बरामद किए गए. पुलिस ने इन्हें उनके परिवार के सदस्यों को सौंप दिया था.

18 जून से 18 अगस्त 2018 तक दो माह के लिए ऑपरेशन मुस्कान चलाया गया था, जिसके लिए 9 टीमें बनाई गई थीं. 18 जून से 29 जुलाई तक ऑपरेशन मुस्कान के तहत पुलिस टीमों ने मेरठ, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, बदायूं, सीतापुर, शाहजहांपुर, आगरा, बराणसी, इलाहाबाद, झांसी, कानपुर सहित हरियाणा के कई शहरों में भी अभियान चलाया था.