नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में सीआरपीएफ जवानों की बस के विस्फोट की चपेट में आ जाने से कम से कम 18 जवान शहीद हो गए. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस घटना की जिम्मेदारी ली है. हताहतों की संख्या अभी और बढ़ने की आशंका है. आईईडी विस्फोट में कई लोग घायल हुए हैं. धमाका इतना जबरदस्त था कि बस के परखच्चे उड़ गए. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि जिले के अवंतिपुरा इलाके में श्रीनगर जम्मू राजमार्ग पर यह आईईडी विस्फोट हुआ.

पुलिस ने आतंकवादी की पहचान पुलवामा के काकापोरा के रहने वाले आदिल अहमद के तौर पर की है. उन्होंने बताया कि अहमद 2018 में जैश-ए-मोहम्मद में शामिल हुआ था. उन्होंने बताया कि घटना के और अधिक ब्यौरे का इंतजार है. काफिले में सीआरपीएफ की 70 से ज्यादा गाड़ियां शामिल थीं. इनमें से एक ब्लास्ट की चपेट में आ गई. यह काफिला जम्मू से श्रीनगर जा रहा था. उरी के बाद यह बड़ा आतंकी हमला है. उरी हमले में 19 जवान शहीद हुए थे.

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सीआरपीएफ के डीजी आरआर भटनागर से बातचीत की है. डीजी आरआर भटनागर ने बताया कि सीनियर अधिकारी मौके पर मौजूद हैं. जांच जारी है. घायलों का इलाज चल रहा है. काफिले में 2500 जवान शामिल थे. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस हमले को लेकर दुख जताया है. उन्होंने ट्वीट किया, मैं जम्मू-कश्मीर में CRPF के काफिले पर कायरतापूर्ण हमले से बहुत परेशान हूं, जिसमें हमारे 10 बहादुर जवान शहीद हुए हैं और कई अन्य घायल हुए हैं. हमारे शहीदों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदना. मैं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं.

जम्मू-कश्मीर राज भवन के पीआरओ ने बयान में कहा है कि राज्यपाल सत्यपाल मलिक का मानना है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार ताकतें हताश और निराश हैं और इस तरह के हमले कर अपनी मौजूदगी दर्ज कराना चाहती हैं. यह हमला सीमा पार से निर्देशित लगता है क्योंकि जैश-ए-मोहम्मद ने हमले की जिम्मेदारी ली है. राज्यपाल ने सभी सुरक्षा बलों के कमांडरों से आग्रह किया है कि वे हर मोर्चे पर निगरानी बढ़ाएं. राज्यपाल ने जिला और संभागीय नागरिक और पुलिस प्रशासन को तत्काल सभी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों के सुरक्षा प्रबंधन की समीक्षा करने का निर्देश दिया है.

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, घाटी से भयानक खबर आ रही है. एक IED विस्फोट में CRPF के कई सैनिकों शहीद हुए हैं और कई घायल हुए हैं. मैं इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं. मैं परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं. जैश ने विस्फोट को एक आत्मघाती (फिदायीन) हमला बताते हुए हमले की जिम्मेदारी ली है. यह 2004-05 से पहले के उग्रवाद के काले दिनों की याद दिलाता है.

जम्मू-कश्मीर की ही पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट किया, अवंतीपुरा से परेशान करने वाली खबर आ रही है. 12 जवान शहीद हुए हैं वहीं कई घायल हैं. कोई भी शब्द भीषण आतंकी हमले की निंदा करने के लिए पर्याप्त नहीं है. इस पागलपन के खत्म होने से पहले कितने और लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ेगी?