हैदराबाद. तेलंगाना में 7 दिसंबर को होने जा रहे विधानसभा चुनावों के लिए 119 निर्वाचन क्षेत्रों से 1,821 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं. राज्य निर्वाचन आयोग ने सोमवार को यह जानकारी दी. 22 नवंबर को नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया की समाप्ति के बाद आयोग ने सोमवार को यह आधिकारिक आंकड़े सामने रखे. आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक 1,762 नामांकन या तो खारिज किए गए या वापस ले लिए गए. सभी दल जोर-शोर से प्रचार में लगे हैं. बता दें कि तेलंगाना में हो रहे विधानसभा चुनाव के मतों की गिनती 11 दिसंबर को होगी.

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चुनाव अधिकारियों ने बीते गुरुवार को कहा था कि कितने उम्मीदवार चुनावी मैदान में नजर आएंगे, इसकी जानकारी निर्वाचन क्षेत्रों से सूचना की प्राप्ति के बाद ही मिलेगी. इनमें सबसे ज्यादा 42 उम्मीदवार मल्काजगिरी क्षेत्र से हैं जिनमें निर्दलीय उम्मीदवार भी शामिल हैं. इसके बाद 35-35 उम्मीदवार उप्पल और एलबी नगर निर्वाचन क्षेत्र से हैं. अपने बूते चुनाव लड़ रही तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) ने विधानसभा की सभी 119 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं. उधर, महागठबंधन का नेतृत्व कर रही कांग्रेस ने 99 उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा है, जबकि इसके अन्य सहयोगियों-तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) ने 13 और भाकपा ने तीन उम्मीदवार उतारे हैं. इसके अन्य सहयोगी तेलंगाना जन समिति ने आठ उम्मीदवारों के लिए ‘बी-फॉर्म’ दिया है. चुनावों के लिए बी फॉर्म एक प्रमाण होता है कि राजनीतिक दल एक खास उम्मीदवार को उतारेगी. वहीं भाजपा ने 118 उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा है.

इससे पहले तेलंगाना में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन में शामिल विपक्षी कांग्रेस, तेदेपा, भाकपा और तेलंगाना जन समिति (टीजेएस) ने सोमवार को एक साझा एजेंडा जारी किया. इन पार्टियों ने कहा है कि महागठबंधन को ‘जन मोर्चा’ के तौर पर जाना जाएगा. यह एजेंडा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एन उत्तम कुमार रेड्डी, तेदेपा के प्रदेश प्रमुख एल रमन, टीजेएस प्रमुख एम कोदानदरम और भाकपा के प्रदेश प्रभारी सचिव पी वेंकट रेड्डी ने जारी किया. एजेंडा में कहा गया है कि प्रशासनिक बदलाव टीआरएस के तानाशाह और भ्रष्ट शासन को खत्म कर देंगे.

इधर, चुनाव प्रचार के बीच तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के अध्यक्ष और कार्यवाहक मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने राज्य में मुसलमानों के लिए आरक्षण बढ़ाने के टीआरएस सरकार के प्रस्ताव का विरोध करने के लिए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर सोमवार को हमला बोला. दिचपल्ली में एक चुनावी रैली के दौरान राव ने कहा कि वह अनुसूचित जनजातियों एवं मुसलमानों के लिए आरक्षण बढ़ाने के अपने प्रयासों को जारी रखेंगे. बता दें कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मुस्लिमों को 12 प्रतिशत आरक्षण देने के राज्य सरकार के प्रस्ताव पर हमला बोलते हुए कहा था कि उनकी पार्टी कभी भी धर्म आधारित आरक्षण की इजाजत नहीं देगी क्योंकि यह असंवैधानिक है.

(इनपुट – एजेंसी)

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