नई दिल्ली: यहां एक 19 साल की युवती को रेप के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. 25 साल की एक महिला ने युवती पर रेप का आरोप लगाया है. युवती पर सेक्स टॉय के जरिए महिला से रेप का आरोप लगा है. कोर्ट ने आरोपी युवती को तिहाड़ जेल भेज दिया है. सीमापुरी पुलिस ने इस मामले में तीन युवकों को भी गिरफ्तार किया है. नॉर्थ ईस्ट की रहने वाली महिला का आरोप है कि युवती ने उसके साथ कई बार रेप किया और मारपीट की. कड़कड़डूमा कोर्ट में युवती को पेश किया गया था. कोर्ट ने आरोपी लड़की को जुडिशल कस्टडी में भेज दिया है.

क्या है मामला
पीड़ित महिला बिजनेस प्लान में निवेश के लिए लोगों से मिलती थी. इस दौरान उसकी मुलाकात दो युवकों से हुई. आरोप है कि दोनों युवकों ने महिला के साथ गैंगरेप किया और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने लगे. युवती महिला की रखवाली करती थी. आरोप है कि इस दौरान वह सेक्स टॉय से पीड़िता से संबंध बनाती थी. पुलिस ने इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार किया था लेकिन युवती को छोड़ दिया था. लेकिन अब उसे भी रेप के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. शाहदरा जिला के पुलिस अफसरों ने इस मामले की पुष्टि की है.

गौरतलब है कि सितंबर 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया था. पीठ ने कहा था कि धारा 377 अतार्किक और मनमानी वाला धारा है. अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने कहा था कि समलैंगिकता अपराध नहीं है. संवैधानिक पीठ ने कहा था कि LGBT (लेस्बिय, गे, बाईसेक्सुअल, ट्रांसजेंडर) को भी बाकी नागरिकों की तरह अधिकार है, दो बालिगों की सहमति से अप्राकृतिक संबंध जायज है. कोर्ट ने कहा था कि 377 अतार्किक और मनमानी धारा है. अंतरंगता और निजता निजी पसंद है. कोर्ट ने कहा था कि धारा 377 संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत प्राप्त समानता के अधिकार का हनन करता है.