नई दिल्ली| 1993 बम धमाकों के केस में मुंबई की विशेष टाडा अदालत ने अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम समेत सात में से कुल 6 आरोपियों को दोषी करार दे दिया है. वहीं सातवें आरोपी अब्दुल कैयूम को सबूत के अभाव में कोर्ट ने बरी कर दिया गया है. कोर्ट ने अबू सलेम, मुस्तफा दोसा, रियाज सिद्दीकी, करीमुल्ला खान, फिरोज अब्दुल, रशीद खान और ताहिर मर्चेंट को दोषी ठहराया है. इस मामले में सोमवार से सजा को लेकर कोर्ट में बहस शुरू होगी.

अबू सलेम – अबु सलेम को कोर्ट ने मुख्य साजिशकर्ता माना. वो मुंबई हमले की साजिश में शामिल था. वो हत्या का भी दोषी पाया गया. धमाकों की साजिश, हथियार और विस्फोटक भरुच से मुंबई लाने का आरोप था. अबु पर लगे सारे आरोप साबित हो गए.

मुस्तफा दौसा- मुस्तफा पर आरोप था कि उसने दुबई से हथियार और विस्फोटक मुंबई भिजवाए. धमाकों की साजिश की पहली मीटिंग इसी के घर पर हुई. ये सभी आरोप साबित हो गए.

मोहम्मद दौसा – अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का करीबी और हमले की साजिश को अंजाम देने में मददगार.

ताहिर मर्चेंट – ताहिर पर आरोप था कि उसने धमाकों के लिए पैसा जुटाया. कई आरोपियों को ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान भिजवाया. कोर्ट में ये आरोप साबित हो गए.

फिरोज अब्दुल राशिद खानः दुबई में साजिश के लिए मीटिंग में शामिल हुआ. हथियार और विस्फोटक लाने में मदद की.

करीमुल्लाह शेख – अपने दोस्त को पाकिस्तान में आतंकी ट्रेनिंग दिलवाई. हथियार और विस्फोटक लाने में मदद की.

अब्दुल कय्यूम– इस मामले में एक ही आरोपी बाइज्जत बरी हुआ. अब्दुल दाऊद इब्राहिम के दुबई दफ्तर में मैनेजर था. उसपर लगे आरोप साबित नहीं हो पाए.

2007 में 100 आरोपी ठहराए गए थे दोषी

साल 2007 में पूरे हुए सुनवाई के पहले चरण में टाडा अदालत ने इस मामले में याकूब मेनन और संजय दत्त सहित सौ आरोपियों को दोषी ठहराया था जबकि 23 लोग बरी हुए थे. याकूब मेनन को पिछले साल 30 जुलाई को इस मामले में फांसी हो गई थी.  वहीं संजय दत्त भी इस मामले में अपनी सजा काटकर जेल से बाहर आ चुके हैं. आज इस केस के दूसरे चरण का फैसला आया है.