नई दिल्ली: 1993 मुंबई बम ब्लास्ट के आरोपी अहमद मोहम्मद लंबू को गुजरात एटीएस ने गुरुवार को गिरफ्तार किया है. अहमद पर दाऊद इब्राहिम के नजदीकी होने का शक है, अहमद को पकड़ने के लिए गुजरात एटीएस ने गुरुवार रात को स्पेशल ऑपरेशन चलाया था. 1993 मुंबई बम ब्लास्ट के एक आरोपी ने बताया था कि अहमद, मुसाफिर खान, फिरोज अब्दुल और राशिद खान के ‘अर्जुन गैंग’ का सदस्य था.

पिछले साल जून में एक विशेष टाडा अदालत ने 1993 मुंबई बम ब्लास्ट मामले में फैसला सुनाते हुए अबू सलेम समेत मुस्तफा दोसा, फिरोज अब्दुल राशिद खान, ताहिर मर्चेंट, रियाज सिद्दीकी और करिमुल्ला खान को देश के खिलाफ युद्ध छोड़ने के आरोप में दोषी पाया था. हालांकि अबू सलेम को साजिश रचने और आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का दोषी पाया गया था जबकि बाकी लोगों को साजिश रचने, आतंक फैलाने और हत्या करने का दोषी पाया गया था. कोर्ट ने अब्दुल कय्यूम को सभी आरोपों से बरी कर दिया था.

मुंबई बम ब्लास्ट में टाडा कोर्ट के फैसले के कुछ दिनों बाद ही दोषी ठहराए गए मुस्तफा दोसा की हार्ट अटैक आने से मुंबई के जेजे अस्पताल में मौत हो गई थी. दोसा को कोर्ट ने साजिश रचने, हत्या करने और आतंक फैलाने का दोषी पाया था. इसके अलावा इस केस में एक अन्य दोषी ताहिर मर्चेंट की भी इसी साल अप्रैल में हार्ट अटैक आने से मौत हो गई थी. मर्चेंट को येरवदा सेंट्रल जेल में ही हार्ट अटैक आया था जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसने दम तोड़ दिया था.

1993 में हुए मुंबई बम ब्लास्ट ने सिर्फ मुंबई को ही नहीं बल्कि पूरे देश को हिलाकर रख दिया था. ये ब्लास्ट मुंबई में कई जगह हुए थे. इन ब्लास्ट के बाद देश में हिंदू-मुस्लिम दंगे भी हुए थे. मुंबई में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज बिल्डिंग, माहिम में फिशरमैन कॉलोनी, प्लाजा सिनेमा, जावेरी बाजार और कत्था बाजार में धमाके हुए थे. ये भारत में हुआ सबसे बड़ा धमाका था, इन धमाकों में 257 लोग मारे गए थे और 700 लोग घायल हुए थे.