त्रिपुरा में भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास मंगलवार को गश्त पर निकले सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के कर्मियों पर उग्रवादी संगठन नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (एनएलएफटी) के उग्रवादियों ने घात लगाकर हमला किया जिसमें बीएसएफ के दो जवान शहीद हो गए. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.Also Read - BSF GD Constable Recruitment 2021: BSF में इन पदों पर बिना परीक्षा पा सकते हैं नौकरी, आवेदन करने की कल है अंतिम डेट, 69000 मिलेगी सैलरी

सीमा सुरक्षा बल ने बताया कि उग्रवादियों ने राज्य के धलाई जिले में सुबह करीब साढ़े छह बजे घात लगाकर हमला किया और शहीद हुए कर्मियों में बीएसएफ का एक उपनिरीक्षक भी शामिल है. Also Read - BSF GD Constable Recruitment 2021: BSF में बिना परीक्षा के कांस्टेबल के पदों पर पा सकते हैं नौकरी, 10वीं पास करें अप्लाई, 67000 से अधिक होगी सैलरी 

जिले के पानीसागर सेक्टर में चावमनू थाना क्षेत्र के अंतर्गत आर सी नाथ सीमा चौकी के पास सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमला किया गया, जिसका सुरक्षा बलों ने माकूल जवाब दिया. Also Read - BSF GD Constable Recruitment 2021: BSF में इन पदों पर बिना परीक्षा के पा सकते हैं नौकरी, 10वीं पास करें अप्लाई, 69000 मिलेगी सैलरी 

धलाई जिला राज्य की राजधानी अगरतला से लगभग 94 किमी दूर है और यह उत्तरी तथा दक्षिणी हिस्से में बांग्लादेश की सीमा से सटा है. कुल 4,096 किमी लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा में से, त्रिपुरा 856 किमी के क्षेत्र को साझा करता है.

बीएसएफ के प्रवक्ता ने बताया, ‘‘भीषण मुठभेड़ के दौरान उपनिरीक्षक भूरू सिंह और कांस्टेबल राजकुमार गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मृत्यु हो गई.’’ उन्होंने बताया, ‘‘घटनास्थल पर उपलब्ध खून के नमूनों के अनुसार उग्रवादियों को कथित तौर पर कुछ चोटें आई हैं.’’

उन्होंने कहा कि हमारे दोनों जवानों ने शहीद होने से पहले पूरी बहादुरी से मुकाबला किया. प्रवक्ता ने बताया कि उग्रवादियों को पकड़ने के लिए इलाके में ‘‘व्यापक’’ तलाश अभियान शुरू किया गया है. अधिकारी ने बताया कि उग्रवादी शहीद जवानों के हथियार भी अपने साथ ले गए.