चेन्नई: तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली जिले के एक गांव में बोरवेल में गिरे दो साल के बच्चे को बचाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) ने बचाव अभियान शुरू कर दिया है. बच्चा शुक्रवार शाम लगभग 5:30 बजे बोरवेल में गिर गया था और 30 फुट की गहराई में जाकर अटक गया. इसके बाद रात में वह और नीचे सरकते हुए लगभग 70 फुट की गहराई में जाकर फंस गया.

तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री सी. विजया भास्कर ने शनिवार सुबह एक टीवी चैनल से कहा कि बोरवेल में ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है. उन्होंने कहा कि बच्चे के 70 फुट नीचे फिसल जाने के बाद अधिकारी उसके रोने की आवाज नहीं सुन पा रहे हैं. दमकल विभाग और अन्य लोगों द्वारा शुक्रवार शाम से ही बच्चे को बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं.

शुरुआत में बच्चे तक पहुंचने के लिए बोरवेल के पास गड्ढा खोदने के लिए मशीनों को काम पर लगाया गया, लेकिन इलाका चट्टानी होने के कारण इसे बीच में ही रोक दिया गया. इसे तोड़ने के प्रयास से कंपन पैदा होती है, जो बोरवेल के अंदर मिट्टी को धकेल सकती है, जिससे बच्चा और अधिक गहराई में पहुंच सकता है.

बाद में बचाव दल ने एक विशेष उपकरण ‘बोरवेल रोबोट’ का इस्तेमाल किया, लेकिन वह भी सफल नहीं रहा. कई टीमों ने अपनी-अपनी तकनीकों के साथ बच्चे को बचाने की कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्य से सभी असफल रहे. स्वास्थ्य मंत्री भास्कर के अनुसार, बच्चे को बचाने के लिए विभिन्न प्रकार की तकनीकें अपनाई जा रही हैं.

मंत्री ने कहा, सुबह करीब 3:30 बजे रस्सी की गांठ, जो 30 फुट पर बच्चे को पकड़े हुए थी, वह निकल गई और बच्चा नीचे गिर गया. सुबह 5:30 बजे तक हम लड़के की सांस लेने की आवाज सुन पा रहे थे. उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के कुल 70 सदस्य बचाव कार्य में शामिल हैं.

f(इनपुट-आईएएनएस)