नई दिल्ली: ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने रविवार को कहा कि मनरेगा को एक लाख करोड़ रुपए से अधिक की अब तक की सर्वाधिक राशि आवंटित की गई है, जिससे गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और प्रवासी श्रमिकों को राहत मिलेगी. Also Read - Lockdown 5.0: फिर हो जाएं तैयार, बढ़ने जा रहा लॉकडाउन, जानें इस बार कितने दिनों के लिए होंगी पाबंदियां

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को आर्थिक पैकेज की पांचवीं किस्त की घोषणा की. इस दौरान उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस की वजह से अपने राज्यों को लौटे श्रमिकों को रोजगार के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत 40,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन किया जाएगा. यह बजट में आवंटित 61,500 करोड़ रुपये की राशि के अतिरिक्त है. Also Read - कोरोना का प्रभाव! वित्त वर्ष 2019-20 की चौथी तिमाही में 3.1 प्रतिशत रही देश की जीडीपी

तोमर ने कहा, ‘‘40,000 करोड़ रुपए के अतिरिक्त आवंटन की घोषणा के साथ मनरेगा को अब तक की सर्वाधिक एक लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि आवंटित की गई है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और वापस लौट रहे प्रवासी श्रमिकों के लिए यह बड़ी राहत होगी.’’

उन्होंने कहा कि यह समाज के वंचित लोगों और गरीबों के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. तोमर ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान राज्यों में मनरेगा कार्यों के लिए 33,000 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं और 21,000 करोड़ रुपए उन्हें आवंटित किए गए हैं. उन्होंने कहा कि मनरेगा के अलावा सरकार ने किसानों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों एवं अन्य लोगों के खातों में नकद राशि भेजी है.