नई दिल्‍ली: असम में भूस्‍खलन के दो हादसों में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई है. भू-स्‍खलन के चलते कछार, दक्षिणी असम के हैलाकांडी जिले के कछार में और करीमगंज जिले में भूस्खलन से 20 लोगों की मौत हो गई है. Also Read - गुजरात में भारी बारिश; असम में बाढ़ की स्थिति में सुधार, कुछ ऐसा है बाकी जगहों का हाल

एएनआई के मुताब‍िक, असम में भूस्‍खलन के दो हादसों में कम से कम 20 लोगों की मौत होने से पहले एक अधिकारी ने बताया कि दक्षिणी असम के हैलाकांडी जिले में भूस्खलन से सात लोगों की मौत हो गई है. Also Read - देश में 24 घंटे में कोराना के 24 हजार से ज्‍यादा नए मामले, कुल आंकड़ा 7 लाख के पास

पीटीआई के मुताब‍िक

असम की बराक घाटी स्थित हैलाकांडी, करीमगंज और सिलचर जिलों में मंगलवार को भारी बारिश की वजह से हुए भूस्खलन
की चपेट में आने से कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं.

जिला प्रशासन के प्रवक्ता ने बताया कि दो बच्चों और एक महिला सहित सात लोगों की उस समय मौत हो गई जब बोलोबा
बाजार के नजदीक मोहनपुर में भूस्खलन की वजह से मलबा टिन के बने उनके मकान पर आ गिरा. यह घटना मंगलवार
सुबह छह बजे हुई और हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. उन्होंने बताया कि घायलों को इलाज के लिए हैलाकांडी जिला मुख्यालय स्थित एसके सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

पड़ोसी करीमगंज जिले के पुलिस अधीक्षक संजीत कृष्णा ने बताया कि जिले के करीमपुर में मंगलवार तड़के तीन बजकर 30
मिनट पर हुए भूस्खलन की एक अन्य घटना में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई. मृतकों में एक महिला और
तीन बच्चे शामिल हैं.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कछार जिले के जयपुर इलाके स्थित कोलापुर गांव में भूस्खलन से सात लोगों की मौत हुई
है. अधिकारियों के मुताबिक राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के अधिकारियों को तीनों घटनास्थलों पर भेजा गया है.

असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने भूस्खलन में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘भारी बारिश की वजह से बराक घाटी में हुए भूस्खलन की चपेट में आने से लोगों की मौतों से दुखी हूं. मैंने कछार, हैलाकांडी और करीमगंज जिला प्रशासन और एसडीआरएफ को बचाव और राहत अभियान चलाने एवं जरूरतमंदों को हर संभव मदद पहुंचाने का निर्देश दिया है.’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि असम के मंत्री परीमल सुकला वैद्य जो कोविड-19 के मद्देनजर हालात का जायजा लेने के लिए हैलाकांडी में मौजूद हैं, उन्‍होंने जिला प्रशासन को भूस्खलन के मामले में सरकार को रिपोर्ट तुरंत भेजने का निर्देश दिया ताकि मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि मुहैया कराई जा सके.