नई दिल्ली: केन्द्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने 20 राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ आयुष्मान भारत-राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन लागू करने के लिए सहमति पत्रों का हस्तांतरण किया. यहां आयोजित स्वास्थ्य मंत्रियों के सम्मेलन में नड्डा ने कहा कि इस योजना की सफलता राज्यों की सक्रिय सहभागिता पर निर्भर करती है. केन्द्र नीति निर्माण करेगा और राज्यों को इस योजना को अपनाना होगा. सहमति पत्रों का हस्तांतरण केन्द्र और राज्यों के बीच सहयोग का एक महत्वपूर्ण कदम है.

क्या है योजना
उन्होंने कहा कि एबी-एनएचपीएम देश के 50 करोड़ लोगों (10 करोड़ परिवार) को सुरक्षा प्रदान करेगा. लाभार्थी बिना नकद के और बिना किसी कागजात के इस योजना का लाभ उठा सकेंगे. इसके अंतर्गत देश के किसी भी हिस्से में स्थित सरकारी और निजी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध रहेगी. केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि एबी-एनएचपीएम लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करेगा, जबकि स्वास्थ्य व वेलनेस केन्द्र प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करेगा.

स्वास्थ्य पर खर्च होगा कम
केन्द्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना से स्वास्थ्य पर होने वाले अत्यधिक खर्च को कम किया जा सकेगा. केन्द्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि एनएचपीएम स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने का विस्तृत मॉडल है. द्वितीय और तृतीय स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है.

राज्यों की संख्या 25 होने की संभावना
अभी तक 20 राज्यों ने इसपर हस्ताक्षर किए हैं और इस महीने के अंत तक हस्ताक्षर करने वाले राज्यों की संख्या 25 होने की संभावना है. अस्पतालों के पैनल बनाने के लिए एक वेबपोर्टल को भी इस अवसर पर लांच किया गया. राज्य एक जुलाई से अस्पतालों के पैनल बनाने का कार्य प्रारंभ कर सकते हैं. इस अवसर पर अश्विनी कुमार चौबे, अनुप्रिया पटेल , नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत , नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ . विनोद पॉल , स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन तथा एबी – एनएचपीएम के सीईओ इंदु भूषण उपस्थित थे.