नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कई बड़ी घोषणाएं भी कीं. उन्होंने कहा कि कोरोना से मुकाबला करते हुए चार हफ्ते से ज्यादा बीत चुके हैं. इस दौरान 42 लाख से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित हुए और पौने तीन लाख से ज्यादा लोगों की दुखद मौत हो चुकी है. भारत में भी अनेक परिवारो ने अपने स्वजन खोए हैं. मैं सभी के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं. प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान आत्मनिर्भर भारत का नारा देते हुए कहा कि हमने आपदा को अवसर में बदल दिया. Also Read - Unlock 1.0: राज्यों ने लॉकडाउन में और अधिक छूट देते हुए अलग-अलग दिशानिर्देश जारी किए; आज से चलेंगी 200 विशेष ट्रेनें

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस से लड़ रहे देश को एक पुराना उदाहरण देकर हिम्मत देने का काम किया. पीएम मोदी ने देशवासियों को कच्छ भूकंप की आंखों देखी सुनाई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, साथियों, मैंने अपनी आंखों से कच्छ भूकंप के वो दिन देखे हैं. हर तरफ सिर्फ मलबा ही मलबा. सब कुछ ध्वस्त हो गया था. ऐसा लगता था मानो कच्छ, मौत की चादर ओढ़कर सो गया हो. उस परिस्थिति में कोई सोच भी नहीं सकता था कि कभी हालात बदल पाएंगे. लेकिन देखते ही देखते कच्छ उठ खड़ा हुआ, कच्छ चल पड़ा, कच्छ बढ़ चला.” Also Read - IRCTC 200 Trains List and Stoppage Between Stations: कल से चलेंगी 200 ट्रेन, देखें किस गाड़ी का कहां पर कितनी देर है स्टॉपेज

उन्होंने कहा, “यही हम भारतीयों की संकल्पशक्ति है. हम ठान लें तो कोई लक्ष्य असंभव नहीं, कोई राह मुश्किल नहीं. और आज तो चाह भी है, राह भी है. ये है भारत को आत्मनिर्भर बनाना. भारत की संकल्पशक्ति ऐसी है कि भारत आत्मनिर्भर बन सकता है.”

बता दें कि 2001 में आए भयानक भूकम्प ने गुजरात के 24 जिलों में तबाही का मंजर खड़ा कर दिया था. 26 जनवरी के दिन गुजरात के कच्छ में कुदरत का कहर टूटा था. उस दिन कच्छ में 6.9 की तीव्रता का भूकंप आया था. उस समय राज्य के मुख्यमंत्री कोई और नहीं बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही थे. कच्छ, सुरेंद्रनगर और राधनपुर में भूकंप का अधिक असर देखने को मिला था. इस प्राकृतिक आपदा में 7904 गांव तबाह हो गए थे. 16,927 लोगों की मौत हुई थी और 1 लाख 66 हजार 836 लोग घायल हुए थे. इसके अलावा 1 लाख 47 लाख 499 लोग घर से बेघर हुए थे.

सभी देशवासियों को आदर पूर्वक नमस्कार, कोरोना संक्रमण से मुकाबला करते हुए दुनिया को अब चार महीने से ज्यादा हो रहे हैं. इस दौरान तमाम देशों के 42 लाख से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं. पौने तीन लाख से ज्यादा लोगों की दुखद मृत्यु हुई है. भारत में भी लोगों ने अपने स्वजन खोए हैं. मैं सभी के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं.