नई दिल्ली: निर्भया गैंगरेप व मर्डर केस के मामले में चारों दोषियों की फांसी के लिए नए डेथ वारंट पर पीड़िता की मां आशा देवी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है, जो मुजरिम चाहते थे, वही हो रहा है… तारीख पे तारीख पे तारीख. हमारा सिस्‍टम ऐसा है कि जहां दोषियों की सुनी जाती है.

बता दें आशा देवी की यह प्रतिक्रिया तब आई है, जब आज शुक्रवार को दिल्‍ली की कोर्ट ने तिहाड जेल प्रशासन के अनुरोध पर दोषियों को फांसी देने के लिए नया डेथ वारंट जारी किया. बता दें कि कोर्ट ने शुक्रवार को निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्याकांड के चारों दोषियों को 1 फरवरी को सुबह 6:00 बजे फांसी पर लटकाने के लिए शुक्रवार को नया डेथ वारंट जारी किया है.

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार अरोड़ा मामले के दोषी मुकेश कुमार सिंह की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें फांसी की तारीख को 22 जनवरी से टालने की मांग की गई थी. दिल्ली की अदालत ने बीते सात जनवरी को इस मामले में पहले मृत्यु वारंट जारी करते हुए आदेश दिया था कि चारों दोषियों – मुकेश सिंह (32), विनय शर्मा (26), अक्षय कुमार सिंह (31) और पवन गुप्ता (25) को 22 जनवरी की सुबह सात बजे तिहाड़ जेल में फांसी दी जाएगी. लेकिन कोर्ट ने नए डेथ वारंट में फांसी की तारीख और समय बदल दिया है.

आज इससे पहले तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने दिल्ली की अदालत से निर्भया मामले के चारों दोषियों के खिलाफ मौत की सजा पर अमल का फरमान (डेथ वॉरंट) फिर से जारी करने की मांग की थी. लोक अभियोजक इरफान अहमद ने अदालत को बताया कि मुकेश की दया याचिका राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को खारिज कर दी है.

पैरामेडिकल की 23 वर्षीय छात्रा के साथ 16 दिसंबर 2012 की रात को बर्बर सामूहिक बलात्कार की घटना हुई थी. छात्रा की 29 दिसंबर 2012 को सिंगापुर के अस्पताल में मौत हो गई थी.