नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के लोगों से कोरोना वायरस की गंभीरता को समझने और घरों में रहने की अपील करते हुए मंगलवार को 21 दिनों के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की. कोरोना वायरस के प्रकोप को लेकर राष्ट्र के नाम संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आज रात 12 बजे से पूरे देश में संपूर्ण लॉकडाउन होने जा रहा है.’’ Also Read - कोरोना: करीब 1900 हुई मरीजों की संख्या, अब तक 55 मौतें, एशिया के सबसे बड़े स्लम एरिया धारावी पहुंचा संक्रमण

लॉकडाउन की खबर के बाद ज्यादातर जगहों पर लोग खरीददारी कर रहे हैं. कई दुकानों पर भीड़ देखी गई. हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों की आशंकाएं दूर करने का प्रयास करते हुए मंगलवार को कहा कि लोगों को 21 दिन के लॉकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं और दवाओं की उपलब्धता को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है और केंद्र तथा अनेक राज्य सरकारें इसके लिए मिलकर काम करेंगी. Also Read - कोविड-19: पीएम मोदी ने बताए स्वस्थ रहने के नुस्खे, कहा- साल भर गर्म पानी पीता हूं और...

यहां जानिए coronavirusindia के मद्देनजर देश 21 दिनों के लिए lockdown रहेगा, पर इस अवधि में यह सेवाएं खुली रहेंगी-

  • आवश्यक दुकानें (दूध, फल, सब्जी और जरूरी सामान)
    प्रिंट और इलैक्ट्रॉनिक मीडिया
    टेलीकम्युनिकेशन सेवाएं
    दवाएं और डिलीवरी संबंधित सेवाएं
    कोल्ड स्टोरेज़

ये दुकानें खुली रहेंगी-
केमिस्ट की शॉप, मेडिकल इक्विपमेंट की दुकानें, लैब और राशन की दुकानें खुली रहेंगी. डॉक्टर के यहां जाने की इजाजत होगी. अस्पताल, डिस्पेंसरी, क्लीनिक, नर्सिंग होम खुले रहेंगे. पेट्रोल, सीएनजी, एलपीजी, पीएनजी जैसी सेवाएं चालू रहेंगी. जनवितरण प्रणाली वाली और आम राशन की दुकानें खुली रहेंगी, फल और सब्जी, डेयरी और दूध, मीट और मछली, चारे की दुकानें खुली रहेंगी. Also Read - महाराष्ट्र में बढ़ रहा कोरोना: 6 दिन का बच्चा भी आया चपेट में, मरने वालों की संख्या 16 पहुंची

क्या रहेदा बंद?
सार्वजनिक स्थान जैसे मॉल, हॉल, जिम, स्पा, स्पोर्ट्स क्लब बंद रहेंगे. सभी रेस्तरां, दुकानें, इटरी बंद रहेंगी. सभी फैक्ट्रियां, वर्कशॉप, ऑफिस, गोदाम, हफ्ते में लगने वाली मार्केट बंद रहेंगी. केंद्र और राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के सभी दफ्तर, ऑटोनॉमस/सबऑर्डिनेट ऑफिस और पब्लिक कॉर्पोरेशन बंद रहेंगे. कमर्शल और प्राइवेट संस्थान बंद रहेंगे. रेल सेवाएं अब 14 अप्रैल तक बंद रहेंगी.

लाकडाउन दिशा-निर्देश

  • अंतिम संस्कार के दौरान 20 से अधिक लोगों के जमा होने की अनुमति नहीं.
  • लॉकडाउन के दौरान कोई राहत पाने के लिये झूठे दावे करने पर दो साल तक की सजा हो सकती है.
  • सरकारी निर्देश का पालन नहीं करने या झूठी सूचनाएं फैलाने पर एक साल तक की सजा हो सकती है.

केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर 21 दिन के राष्ट्रव्यापी लॉकहाउन को लागू कराने के लिए कड़े दिशा निर्देश जारी किये है. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम लागू किया गया है जिसके तहत किसी भी उल्लंघन के लिए दो साल तक की कैद हो सकती है.

मंत्रालय द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसार सभी सरकारी कार्यालय, राज्य और केन्द्र शासित प्रदेशो की सरकारों के कार्यालय, स्वायत्त संस्थान, सार्वजनिक निगम, वाणिज्यिक, निजी, औद्योगिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे.

इनमें कहा गया है कि हालांकि उचित मूल्य की दुकानें और भोजन, किराने का सामान, फल, सब्जियां, डेयरी, मांस, मछली, पशु चारे से संबंधित दुकानें खुली रहेंगी.

दिशा निर्देशों के अनुसार बैंक, बीमा कार्यालय, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया खुले रहेंगे.

इनमें कहा गया है कि सभी परिवहन सेवाएं – हवाई, रेल और रोडवेज सेवाएं – तीन सप्ताह की अवधि के दौरान स्थगित रहेंगी.

दिशा निर्देशों में कहा गया है, ‘‘अंत्येष्टि के मामले में 20 से अधिक लोगों को एकत्र होने की अनुमति नहीं होगी.’’

इस अवधि के दौरान आतिथ्य सेवाएं और शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे.

इनमें कहा गया है कि रक्षा, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, कोषागार,पेट्रोलियम, सीएनजी, एलपीजी, पीएनजी, आपदा प्रबंधन, ऊर्जा, चेतावनी एजेंसियां, राज्य पुलिस, होमगार्ड, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं, जिला प्रशासन और कोषागार, बिजली, पानी, स्वच्छता, और नगर निकायों (केवल आवश्यक सेवाओं के लिए आवश्यक कर्मचारी) को लॉकडाउन से मुक्त किया गया है.

इनमें कहा गया है कि इन कार्यालयों में कर्मचारियों की संख्या न्यूनतम रहेंगी जबकि अन्य सभी कार्यालय घर से काम करेंगे.

इनमें कहा गया है कि जिला मजिस्ट्रेट इन दिशा निर्देशों के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए घटना के कमांडर के रूप में कार्यकारी मजिस्ट्रेट तैनात करेंगे.