'दो गज जमीन भी न मिली कू-ए-यार में' लिखने वाले मुगल बादशाह आज ही हुए थे गिरफ्तार

रंगून की जेल में कैद बहादुर शाह जफर ने अपने वतन की याद में गजल लिखी थी.

Published: September 21, 2018, 11:39 AM IST

नई दिल्ली. हिंदुस्तान के आखिरी मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर का जिक्र आते ही उनकी उर्दू शायरी और हिंदुस्तान से उनकी मोहब्बत की भी बात होती है. 21 सितंबर के दिन को अंग्रेज हुक्मरान के हाथों उनकी गिरफ्तारी के लिए इतिहास में दर्ज किया गया है. कहने को तो वह 1837 में बादशाह बनाए गए, लेकिन तब तक देश के काफी बड़े इलाके पर अंग्रेजों का कब्जा हो चुका था. 1857 में क्रांति की चिंगारी भड़की तो सभी विद्रोही सैनिकों और राजा-महाराजाओं ने उन्हें हिंदुस्तान का सम्राट माना और उन्होंने भी अंग्रेजों को खदेड़ने का आह्वान किया, लेकिन 82 बरस के बूढ़े बहादुर शाह जफर की अगुवाई में लड़ी गई यह लड़ाई कुछ ही दिन चली और आज के दिन अंग्रेजों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. उन पर मुक़दमा चलाया गया और उन्हें रंगून निर्वासित कर दिया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली. रंगून की जेल में कैद बहादुर शाह जफर ने अपने वतन की याद में गजल लिखी थी, जिसके हर शेर बाद में चलकर बहुत मशहूर हुए. आज के इतिहास पर एक नजर डालते हुए आइए पढ़ते हैं आखिरी मुगल बादशाह की वह मशहूर गजल.

लगता नहीं है जी मेरा उजड़े दयार में,
किस की बनी है आलम-ए-नापायदार में.

बुलबुल को बागबां से न सैयाद से गिला,
किस्मत में कैद लिखी थी फसल-ए-बहार में.

कह दो इन हसरतों से कहीं और जा बसें,
इतनी जगह कहां है दिल-ए-दाग़दार में.

एक शाख गुल पे बैठ के बुलबुल है शादमान,
कांटे बिछा दिए हैं दिल-ए-लाल-ए-ज़ार में.

उम्र-ए-दराज़ मांग के लाए थे चार दिन,
दो आरज़ू में कट गए, दो इन्तेज़ार में.

दिन ज़िन्दगी खत्म हुए शाम हो गई,
फैला के पांव सोएंगे कुंज-ए-मज़ार में.

कितना है बदनसीब ‘ज़फर’ दफ्न के लिए,
दो गज़ ज़मीन भी न मिली कू-ए-यार में.

आज की तारीख पर इतिहास में दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:-

1677 : नीदरलैंड के जॉन और निकोल्स वान डर हेडेन को अग्निशामक यंत्र के लिए पेटेंट मिला.
1784 : पेनसिलवेनिया पैकेट एंड जनरल एडवरटाइजर नाम से अमेरिका का पहला दैनिक अखबार छपा.
1792 – फ्रेंच नेशनल कन्वेंशन ने राजशाही को समाप्त करने के लिए मतदान किया.
1857 – अंग्रेजों ने अंतिम मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर को गिरफ्तार किया.
1866 – ब्रिटेन के प्रख्यात लेखक व इतिहासकार हर्बर्ट जॉर्ज वेल्ज़ का जन्म.
1883 – अमेरिका और ब्राजील के बीच टेलीग्राफ सेवा शुरू.
1905 – अटलांटा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी का गठन.
1921 – जर्मनी के ओपू में एक केमिकल प्लांट में धमाके में 800 लोगों की मौत.
1928 – ‘माय वीकली रीडर’ मैगजीन की शुरुआत.
1934 – जापान के होंसू द्वीप पर आए भयंकर तूफान से 4000 लोगों की मौत.
1949 – चीन में कम्युनिस्ट नेताओं ने ‘पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना’ पार्टी की घोषणा की.
1964 – माल्टा ने ब्रिटेन से स्वतंत्रता हासिल की.
1985 – उत्तर और दक्षिण कोरिया ने परिवारों को मिलने के लिए अपनी सीमाएं खोली.
1991 – अर्मेनिया को सोवियत संघ से स्वतंत्रता मिली.
1999 – मध्य ताइवान में भूकंप से 2400 लोगों की मौत.
2004 – अमेरिका ने लीबिया से आर्थिक प्रतिबंध हटाए.

(इनपुट – एजेंसी)

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