नई दिल्ली: दुनिया की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के खिलाफ एक महिला ने सेक्सुअल हरासमेंट की 238 शिकायतें दर्ज कराई हैं. ये शिकायतें 2010 और 2016 के दौरान की हैं. महिला ने कंपनी पर सैलरी न बढ़ाए जाने से लेकर, प्रमोशन व शारीरिक उत्पीड़न, लिंग के आधार पर होने वाले भेदभाव तक का आरोप लगाया है. इस पूरे मामले को सोमवार को कोर्ट ने सार्वजनिक कर दिया. हालांकि, कंपनी ने इन आरोपों का खंडन किया है. Also Read - भतीजी के यौन उत्पीड़न के आरोपों पर नवाजुद्दीन सिद्दीकी के भाई शमास ने तोड़ी चुप्पी, कहा- 'सच जल्द आएगा सामने'

हमारे सहयोगी चैनल wion की रिपोर्ट के मुताबिक,  ये मामले सिएटल फेडरल कोर्ट में 2015 में दायर किए गए थे. इन मामलों की इसलिए भी चर्चा हुई  क्योंकि इस दौरान कई पावरफुल लोगों को शारीरिक उत्पीड़न के मामले में नौकरी से निकाला गया. इनमें मनोरंजन, मीडिया और राजनीति से जुड़े लोग शामिल थे. माइक्रोसॉफ्ट पर किए गए मुकदमों के ये  आंकड़े महिला ने सामने लाए हैं जिससे दुनिया की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी में महिलाओं के साथ वेतन और पदोन्नति को लेकर हो रहे भेदभाव को सार्वजनिक किया जा सके. Also Read - वर्क फ्रॉम होम: 'बॉस' रात में करते हैं VIDEO CALL, कम कपड़ों में करते हैं मीटिंग, परेशान हैं महिलाएं

यदि ये मामले आगे बढ़ते हैं तो इसमें 8000 महिलाएं शामिल हो सकती हैं. कोर्ट की सुनवाई के दौरान दोनों आरोपी और प्रत्यारोपी दस्तावेजों का आदान प्रदान कर रहे हैं. माइक्रोसॉफ्ट पर 118 मामलों में महिलाओं ने लिंग के आधार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए केस दर्ज किया है जिसमें एक मामला ही अब तक सामने आया है. महिलाओं की शिकायतों की सुनवाई कर रही अदालत ने कहा की कंपनी में महिलाओं के साथ हो रहा भेदभाव चौंकाने वाला है. Also Read - सुभाष घई पर सेक्शुअल हैरेसमेंट का आरोप लगाने के बाद चर्चा में आई थीं यह TV एक्ट्रेस