नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के निजामुद्दीन पश्चिम में एक धार्मिक समारोह में शामिल हुए लोगों में से 24 लोगों के कोराना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है. वहीं, निज़ामुद्दीन की मर्कज इमारत से प्रशासन लोगों को अस्‍पतालों और क्वारंटीन सेंटर्स में भेज रहा है. अभी तक लगभग 1034 लोग शिफ्ट हुए हैं. अब तक 334 लोगों अस्पतालों में और 700 quarantine सेंटर्स में बसों द्वारा भेजा गया है. इनमें 24 लोग कोविड 19 से संक्रमित पाए गए हैं. Also Read - अब दिल्ली के किसी भी स्टेशन पर नहीं मिलेंगे प्लेटफॉर्म टिकट, जानिए क्यों लिया गया ये फैसला

बसों ने करीब 34 फेरे करके इन लोगों को को अस्‍पतालों और क्‍वेन्‍टाइन सेंटर्स में पहुंचाया है. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने मंगलवार को अपने आवास पर मीडियाकर्मियों को बताया कि 1,033 लोगों को विभिन्न स्थानों पर भेजा गया है. मंत्री ने कहा, इस समारोह में शामिल हुए 700 लोगों को पृथक किया गया है और करीब 335 लोग अस्पताल में भर्ती हैं.” जैन ने बताया कि तबलीग-ए-जमात आयोजन में शामिल हुए लोगों की सरकार जांच कर रही है. Also Read - 1 मई से 18 के ऊपर सभी को लगेगी कोरोना वैक्सीन, मोदी सरकार ने लिया बड़ा फैसला


मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को जमात की अगुवाई करने वाले मौलाना के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था. पुलिस ने निजामुद्दीन पश्चिम में एक प्रमुख इलाके की घेराबंदी कर दी.

बता दें क‍ि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रात में ही जमात की अगुवाई करने वाले मौलाना के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था.

इंडोनेशिया और मलेशिया समेत अनेक देशों के 2000 से अधिक प्रतिनिधियों ने एक से 15 मार्च तक तबलीग-ए-जमात में भाग लिया था. हालांकि स्थानीय लोगों ने कहा कि इस अवधि के बाद भी बड़ी संख्या में लोग जमात के मरकज में ठहरे रहे.

तबलीग-ए-जमात में भाग लेने वाले लोगों में बड़ी संख्या में कोरोना वायरस के लक्षण दिखने के बाद दिल्ली पुलिस, सीआरपीएफ के अधिकारी और मेडिकल दल रविवार रात इलाके में पहुंचे. पुलिस ने कहा कि कोविड-19 के लक्षण के साथ 350 से अधिक लोगों को दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग ने विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया.

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में कोविड-19 संक्रमित मरीजों में मोहल्ला क्लीनिक का डॉक्टर, उनकी पत्नी और उनकी पुत्री शामिल हैं.